चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह): पंजाब में किसानों और उद्योगों को प्रभावित कर रही लंबे समय से जारी और अनिर्धारित बिजली कटौती के बीच राज्य सरकार ने बिजली क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है।
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के प्रशासनिक सचिव और CMD डॉ. बसंत गर्ग का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह प्रमुख सचिव गुरकीरत किरपाल सिंह को PSPCL की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, गुरकीरत किरपाल सिंह के पास रहे उद्योग विभाग की जिम्मेदारी अब डॉ. बसंत गर्ग को दी गई है।
यह बदलाव पंजाब के बिजली क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण समय में हुआ है। राज्य में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है और मांग करीब 16,000 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में लगभग 3,500 मेगावाट अधिक है। हालांकि, कोयले की आपूर्ति में बाधा के कारण थर्मल पावर प्लांटों से बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है और यह फिलहाल करीब 6,000 मेगावाट रहने का अनुमान है।
बिजली आपूर्ति की स्थिति को लेकर राज्य के विभिन्न वर्गों में असंतोष बढ़ रहा है। कई स्थानों पर किसानों ने अनियमित बिजली आपूर्ति के खिलाफ प्रदर्शन किया है, जबकि औद्योगिक इकाइयों ने बार-बार हो रही बिजली कटौती के कारण उत्पादन प्रभावित होने की शिकायत की है।
लुधियाना के उद्योगपतियों ने भी बिजली संकट के विरोध में लुधियाना-चंडीगढ़ हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है।
अब गुरकीरत किरपाल सिंह के सामने कोयले की उपलब्धता और बढ़ती बिजली मांग के बीच राज्य की बिजली आपूर्ति को स्थिर करने की चुनौती होगी। इससे पहले वह राज्य में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
पंजाब सरकार ने बिजली की कमी के लिए मुख्य रूप से केंद्र से राज्य के थर्मल पावर प्लांटों को पर्याप्त कोयला आपूर्ति नहीं मिलने को जिम्मेदार ठहराया है।
बढ़ती चिंता के बीच पंजाब के उद्योग मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने आज लुधियाना में कहा कि मंगलवार से बिजली की स्थिति में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में मंगलवार से कोई निर्धारित बिजली कटौती नहीं होगी और किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली की आपूर्ति मिलेगी।
सोंध ने औद्योगिक क्षेत्र को भी भरोसा दिलाया कि फैक्ट्रियों को बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के थर्मल प्लांटों समेत सभी थर्मल पावर प्लांट अब चालू हैं।
अब सरकार के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि पंजाब में बिजली की बढ़ती मांग के बीच ये आश्वासन निर्बाध बिजली आपूर्ति में तब्दील हों।
