फिल्लौर/चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह):युद्ध नशा मुक्ति’ अभियान के तहत आज फिल्लौर स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में एक महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अभियान के ज़ोन कोऑर्डिनेटर्स, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर्स, हल्का कोऑर्डिनेटर्स सहित लगभग 500 गेस्ट स्पीकर्स ने हिस्सा लिया। कुल मिलाकर करीब 700 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा रहे। उन्होंने अपने संबोधन में अभियान से जुड़े पदाधिकारियों और गेस्ट स्पीकर्स को नशे के खिलाफ चल रही इस मुहिम को जमीनी स्तर तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य 20 सितंबर से पंजाब के 15,000 से अधिक गांवों और वार्डों में आयोजित होने वाली बैठकों के लिए सभी प्रतिभागियों को तैयार करना था। इन बैठकों में ‘युद्ध नशा मुक्ति’ अभियान के दौरान अब तक की उपलब्धियों, नशा तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई, गिरफ्तारियों, नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को डी-एडिक्शन सेंटर तक पहुंचाने तथा नशे के खिलाफ किए गए विभिन्न प्रयासों की जानकारी आम लोगों के साथ साझा की जाएगी।
इसके साथ ही इन बैठकों में अभियान के दौरान सामने आई चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी और यह भी बताया जाएगा कि आने वाले समय में नशे के खिलाफ इस मुहिम को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए किस प्रकार काम किया जाना है।
14 से 17 सितंबर के बीच हल्का स्तर पर होंगी तैयारी बैठकें
15,000 से अधिक गांवों और वार्डों में होने वाली बैठकों से पहले 14 से 17 सितंबर के बीच हल्का स्तर पर तैयारी बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों की अध्यक्षता संबंधित हल्के के MLA एवं हल्का इंचार्ज करेंगे।
इन बैठकों में पुलिस प्रशासन एवं सिविल प्रशासन के अधिकारी, संबंधित हल्के की टीम तथा गांवों और वार्डों के VDC कन्वीनर और एक्टिंग प्रेसिडेंट शामिल होंगे। इन बैठकों का उद्देश्य 20 सितंबर से शुरू होने वाली गांव एवं वार्ड स्तर की बैठकों की रूपरेखा, समन्वय और तैयारियों को अंतिम रूप देना होगा।
आज फिल्लौर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को इन दोनों चरणों—14 से 17 सितंबर की हल्का स्तरीय तैयारी बैठकों और 20 सितंबर से शुरू होने वाली गांव एवं वार्ड स्तर की बैठकों—के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशा मुक्ति’ अभियान को गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा पंजाब को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभाने का विश्वास दिलाया।
फिल्लौर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और इसे 20 सितंबर से शुरू होने वाले व्यापक जन-जागरूकता अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
