हिसार जिले में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। हिसार अब इस बीमारी का हॉटस्पॉट बनता नजर आ रहा है। बुधवार को जिले के गांव बिठमड़ा में स्वाइन फ्लू से पीड़ित एक 69 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।
हिसार के प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। वहीं, 2 साल के मासूम बच्चे और हांसी के एक डॉक्टर सहित 6 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में कुल मरीजों का आंकड़ा 61 पर पहुंच गया है, जबकि इस सीजन में मौत का यह दूसरा मामला है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा के अनुसार, गांव बिठमड़ा की रहने वाली 69 वर्षीय महिला पिछले कुछ दिनों से गंभीर स्थिति में एक निजी अस्पताल में भर्ती थीं। जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद उनका उपचार चल रहा था, लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने के कारण बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।

हिसार स्थित नागरिक अस्पताल में जाती एंबुलेंस।
2 साल के बच्चे से लेकर 81 साल की बुजुर्ग तक संक्रमित
बुधवार को आई जांच रिपोर्ट में 6 नए केस सामने आए हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक इस वायरस का असर देखा जा रहा है। हिसार के विद्या नगर निवासी 2 साल का एक मासूम बच्चा स्वाइन फ्लू की चपेट में आया है।
मॉडल टाउन की पब्लिक हेल्थ कॉलोनी निवासी 48 वर्षीय महिला, जिंदल कॉलोनी की 26 वर्षीय महिला और हांसी की जगदीश कॉलोनी निवासी 79 वर्षीय बुजुर्ग में संक्रमण पाया गया है। गांव खेड़ी बर्की के 30 वर्षीय युवक और गांव हारिता की 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
समझें H1N1 को
H1N1 इन्फ्लुएंजा वायरस का एक प्रकार है। इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं, जिनमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी शामिल हैं। कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, खासकर जब सांस लेने में परेशानी जैसी स्थिति सामने आए। ऐसे लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
लक्ष्ण दिखने पर डॉक्टर को दिखाएं : सीएमओ
हिसार की सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने बताया कि बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या बहुत ज्यादा कमजोरी जैसे लक्षण हों तो इसे सामान्य वायरल समझकर खुद से दवा नहीं लेनी चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है।
स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों और नजदीकी संपर्क से फैल सकता है। अगर लक्षण लगातार बने रहें या हालत बिगड़ती लगे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
