शिमला (राजीव शर्मा): हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून का दौर जारी रहने के आसार हैं, जिसके चलते कई जिलों में बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि बारिश के कारण सड़कें प्रभावित हो सकती हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं।
कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर में बारिश की संभावना है। अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम में इस बदलाव से राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान में हल्की गिरावट भी आ सकती है।
बारिश का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है। पूर्वानुमान के अनुसार, 1 और 2 सितंबर को कई जिलों में बारिश और तेज हो सकती है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
भूस्खलन और चट्टानें गिरने से यातायात हो सकता है बाधित
लगातार बारिश की संभावना ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें खिसकने की चिंता बढ़ा दी है। अत्यधिक नमी के कारण ढलानें अस्थिर हो सकती हैं, वहीं मलबा और गिरी हुई चट्टानें सड़कों को अवरुद्ध कर यातायात को बाधित कर सकती हैं।
नदियों, मौसमी नालों और खड्डों के करीब रहने वाले लोगों को भारी बारिश के दौरान संभावित रूप से खतरनाक क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पहाड़ी मार्गों से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने और मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है।
तापमान बना हुआ है अपेक्षाकृत अधिक
व्यापक बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद, राज्य भर में अधिकतम तापमान में अब तक कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। कई इलाकों में तापमान इस मौसम के सामान्य स्तर से ऊपर बना हुआ है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, ऊना में अधिकतम तापमान करीब 35°C दर्ज किया गया।
प्रशासन ने लोगों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है। यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले सड़कों की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां भूस्खलन या मौसम संबंधी अन्य बाधाओं का खतरा अधिक रहता है।
