पटियाला (गुरप्रीत सिंह): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को पटियाला से विभिन्न जिलों में 500 से अधिक आधुनिक ‘पिंडू खेल मैदान’ का उद्घाटन कर जमीनी स्तर पर खेलों को बड़ा बढ़ावा दिया, जिससे समर्पित खेल मैदानों की कुल संख्या बढ़कर 764 हो गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण युवाओं को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं प्रदान करेगी और साथ ही ‘नशों को ना कहें, खेलों को हां कहें’ के संदेश को बढ़ावा देकर नशे के खिलाफ सरकार की लड़ाई को मजबूती देगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि सरकार इस साल पूरे पंजाब में ₹1,744 करोड़ के खेल बजट से 3,100 पिंडू खेल मैदान विकसित कर रही है, जिसमें 600 ग्रामीण जिम और खिलाड़ियों के लिए व्यापक वित्तीय सहायता के अलावा विशेष रूप से इन मैदानों के लिए ₹1,500 करोड़ शामिल हैं।
पूरे पंजाब में 3,100 आधुनिक पिंडू खेल मैदान विकसित करने के राज्य सरकार के कार्यक्रम के दूसरे चरण में खेल के मैदानों को समर्पित करने के बाद, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से, पंजाब एक स्वस्थ शरीर और स्वस्थ दिमाग के निर्माण के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है। पहले चरण में 255 पिंडू खेल मैदान समर्पित करने के बाद, आज हम जनता को 509 और पिंडू खेल मैदान समर्पित कर रहे हैं।”



मुख्यमंत्री ने बताया कि ₹1,500 करोड़ के बजटीय आवंटन के साथ पूरे पंजाब में आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 पिंडू खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “दूसरे चरण में समर्पित किए जा रहे 509 पिंडू खेल मैदानों में से 43 लुधियाना में, 41 मानसा में, 36 संगरूर में, 34-34 बठिंडा और पटियाला में, 33 श्री मुक्तसर साहिब में और 32 अमृतसर में हैं, इनके अलावा अन्य जिलों में भी मैदान समर्पित किए जा रहे हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा, “ये पिंडू खेल मैदान ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान में प्रभावी योगदान देंगे। ये हमारे युवाओं को ‘नशों को ना कहें, खेलों को हां कहें’ का संदेश देंगे। उभरते और नौजवान खिलाड़ियों के लिए ये मैदान उम्मीद और अवसर की किरण बनेंगे।”
उन्होंने रेखांकित किया कि पिंडू खेल मैदान वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट और अन्य लोकप्रिय पारंपरिक खेलों के लिए सुविधाएं प्रदान करेंगे। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी ताकि खेल और शारीरिक गतिविधि हर किसी के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन सकें। उन्होंने जोड़ा, “ये मैदान गांवों में सामुदायिक सद्भाव और एकजुटता के प्रतीक भी बनेंगे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दृढ़ता से कहा, “यदि किसी बच्चे के पास शिक्षा के लिए एक अच्छा स्कूल और शारीरिक विकास के लिए एक उचित खेल मैदान हो, तो वह बच्चा वैश्विक स्तर पर गांव, पंजाब और देश का नाम रोशन कर सकता है। यह अत्यंत गर्व और संतोष की बात है कि हम शिक्षा और खेल के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। पिंडू खेल मैदानों को आधुनिक बुनियादी ढांचे से सुसज्जित किया जा रहा है, जिसमें रात के समय खेल गतिविधियों के लिए हाई-मास्ट लाइट, वॉकिंग ट्रैक पर फुटलाइट, चेन-लिंक फेंसिंग और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। हरियाली और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए मैदानों के चारों ओर पौधारोपण भी किया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मैदानों में फुटबॉल के गोलपोस्ट, वॉलीबॉल के खंभे, बच्चों के लिए झूले और अन्य सुविधाएं भी होंगी। उन्होंने कहा, “प्रत्येक गांव में लोकप्रिय खेल के अनुसार खिलाड़ियों को खेल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यदि किसी विशेष गांव में क्रिकेट लोकप्रिय है, तो वहां क्रिकेट किट दी जाएगी, और इसी तरह अन्य लोकप्रिय खेलों के उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।”
उन्होंने बताया कि पंजाब ने वर्ष 2026 को खेलों और खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा, “इस वर्ष पंजाब में 3,100 पिंडू खेल मैदान पूरे हो जाएंगे। इसके साथ ही 6,000 ग्रामीण जिम स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 500 का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है।”
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि “खेड़ां वतन पंजाब दियां” का चौथा सीजन 5 सितंबर से बठिंडा से शुरू होगा, जिसमें अनुमानित 10 लाख खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि पहली बार पंजाब में हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी की जा रही है, जिसके मैच अक्टूबर-नवंबर के दौरान जालंधर और मोहाली में आयोजित होंगे। “पंजाब के लोगों को अपनी घरेलू धरती पर अपने हॉकी सितारों को खेलते देखने का अवसर मिलेगा। आईपीएल की तर्ज पर पंजाब में एक टी20 क्रिकेट लीग का भी आयोजन किया जा रहा है, जो 30 अगस्त से 13 सितंबर तक पीसीए स्टेडियम, मोहाली में खेला जाएगा,” मुख्यमंत्री ने कहा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उल्लेख किया कि खेल पंजाब की गौरवशाली विरासत और समृद्ध परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। “साल 2023 में एक नई खेल नीति लाई गई थी, जिसके तहत खेल बजट में वृद्धि की गई और खिलाड़ियों को प्रशिक्षण व तैयारी के लिए नकद पुरस्कार और वित्तीय सहायता दी जा रही है। पंजाब के इतिहास में पहली बार विशेष रूप से खेलों के लिए ₹1,744 करोड़ का समर्पित बजट आवंटित किया गया है। 2022 से अब तक 40,415 खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि के रूप में ₹135 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि खिलाड़ियों को तैयारी के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है, जिसमें ओलंपिक की तैयारी के लिए ₹15 लाख और एशियाई तथा राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए ₹8 लाख शामिल हैं। उन्होंने जोड़ा, “85 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जबकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने वाले 11 खिलाड़ियों को पीसीएस/डीएसपी अधिकारी नियुक्त किया गया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की खेल पहलों का उद्देश्य पूरे पंजाब में एक मजबूत खेल तंत्र (इकोसिस्टम) तैयार करना, जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति को सुदृढ़ करना और युवाओं को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं व अवसर प्रदान करना है।
