पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने अपने ऊपर लगे 5 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपों को लेकर रिटायर्ड जज जस्टिस रंजीत सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। यह मामला एक कथित दुष्कर्म केस को दबाने के लिए रिश्वत मांगने के आरोपों से जुड़ा है। गुरप्रीत कौर ने आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने जस्टिस रंजीत सिंह से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और अपने कथित बयान वापस लेने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ मानहानि समेत कानूनी कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
मामला उस समय सामने आया जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस रंजीत सिंह की ओर से कथित तौर पर आरोप लगाया गया कि एक दुष्कर्म मामले को दबाने के लिए गुरप्रीत कौर की ओर से 5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। इन आरोपों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी NHRC के सामने शिकायत भी पहुंची। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को जांच करने तथा दो सप्ताह के भीतर Action Taken Report यानी कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
NHRC के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ित के मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े प्रतीत होते हैं। आयोग ने मामले को Protection of Human Rights Act, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान में लिया है। इसके साथ ही मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय की Women Safety Division को भी भेजा गया है। अब पंजाब सरकार और पुलिस की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।
गुरप्रीत कौर की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में आरोपों को उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है। नोटिस के मुताबिक, जस्टिस रंजीत सिंह को कथित तौर पर लगाए गए आरोपों के लिए माफी मांगने और उन्हें वापस लेने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। निर्धारित समय में जवाब या माफी नहीं मिलने पर अदालत में कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
इस पूरे मामले ने पंजाब की राजनीति में भी विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी दलों की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार से मामले पर स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है। वहीं आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से गुरप्रीत कौर के पक्ष में प्रतिक्रिया सामने आई है। गुरप्रीत कौर ने खुद भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह इन आरोपों से डरने वाली नहीं हैं और आरोप लगाने वालों को अपने दावे साबित करने चाहिए।
गुरप्रीत कौर का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप उनके पति भगवंत मान को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाने वालों को कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी भी दी है। दूसरी ओर, शिकायत और NHRC की ओर से शुरू की गई प्रक्रिया के बाद अब इस मामले में जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
फिलहाल 5 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत से जुड़े आरोप अदालत में साबित नहीं हुए हैं। गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। अब पंजाब सरकार की जांच और NHRC को सौंपी जाने वाली Action Taken Report से मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। साथ ही जस्टिस रंजीत सिंह की ओर से कानूनी नोटिस का क्या जवाब दिया जाता है, इस पर भी नजर बनी हुई है।
