मोहाली में एक फैक्ट्री में बॉयलर फटने से अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों में दहशत फैल गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में भी इसकी आवाज सुनाई दी। गनीमत रही कि हादसे में काम कर रहे कर्मचारी बाल-बाल बच गए और किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर भागकर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद फैक्ट्री में काम रोक दिया गया और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जांच की गई। बॉयलर में अचानक हुए धमाके की वजह से फैक्ट्री के अंदर काफी नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
बताया जा रहा है कि धमाका फैक्ट्री में लगे बॉयलर में हुआ। धमाके के बाद आसपास मौजूद कर्मचारियों को कुछ समय के लिए समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। तेज आवाज के साथ फैक्ट्री में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद राहत की स्थिति बनी। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में मौजूद मशीनरी और अन्य उपकरणों की भी जांच की गई।
घटना की जानकारी संबंधित विभाग और पुलिस को दी गई। अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई। बॉयलर में धमाका किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों की ओर से फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और बॉयलर की स्थिति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।
औद्योगिक इकाइयों में बॉयलर और अन्य भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए इनकी नियमित जांच और रखरखाव बेहद जरूरी माना जाता है। किसी तकनीकी खराबी, दबाव बढ़ने या सुरक्षा व्यवस्था में कमी के कारण ऐसे हादसे हो सकते हैं। इससे पहले भी मोहाली और डेराबस्सी के औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्रियों में आग और विस्फोट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वर्ष 2019 में डेराबस्सी की एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से दो कर्मचारियों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक उस घटना में आग तेजी से फैल गई थी और दमकल की कई गाड़ियों को मौके पर भेजना पड़ा था।
मौजूदा हादसे में कर्मचारियों के सुरक्षित बच जाने से बड़ी घटना टल गई। हालांकि, बॉयलर फटने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की ओर से फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। हादसे के बाद कर्मचारियों और आसपास के लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से भी घटना के बाद आवश्यक सावधानी बरतने और मशीनरी की जांच कराने की बात सामने आई है।
