पंजाब की राजनीति में अगले विधानसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा सियासी मुकाबला सामने आता दिखाई दे रहा है। खडूर साहिब से सांसद और अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के प्रमुख अमृतपाल सिंह के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ धुरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के अंदर इस सीट को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि, अभी अमृतपाल सिंह की ओर से धुरी से चुनाव लड़ने की अंतिम घोषणा नहीं हुई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक धुरी के अलावा तलवंडी साबो और रामपुरा फूल विधानसभा सीटों के विकल्प पर भी चर्चा चल रही है।
दरअसल, अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। पार्टी का फोकस अब उन सीटों पर बड़े राजनीतिक चेहरों को उतारने पर है, जहां प्रमुख दलों के बड़े नेता चुनाव लड़ते हैं। इसी रणनीति के तहत अमृतपाल सिंह के लिए धुरी सीट पर विचार किया जा रहा है। धुरी मुख्यमंत्री भगवंत मान का विधानसभा क्षेत्र है और 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने यहां से बड़ी जीत दर्ज की थी। भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर धुरी से चुनाव लड़ा था और करीब 58 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी।
अमृतपाल सिंह की पार्टी के एक नेता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि धुरी समेत कई सीटों पर विचार किया जा रहा है। कोटकपूरा से पार्टी के उम्मीदवार रह चुके रशपाल सिंह सोसन के मुताबिक पार्टी प्रमुख अमृतपाल सिंह की धुरी से चुनाव लड़ने में रुचि है। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी की बैठक के बाद लिया जाएगा और इसके बाद प्रस्ताव अमृतपाल सिंह की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। पार्टी का कहना है कि वह बड़े राजनीतिक नेताओं को उनके मजबूत गढ़ में चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है।
अगर अमृतपाल सिंह धुरी से चुनाव लड़ते हैं तो यह मुकाबला पंजाब की सबसे चर्चित विधानसभा लड़ाइयों में शामिल हो सकता है। एक तरफ मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने गृह क्षेत्र जैसे मजबूत राजनीतिक आधार वाली सीट से मैदान में होंगे, जबकि दूसरी तरफ अमृतपाल सिंह पंथक और क्षेत्रीय मुद्दों के आधार पर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेंगे। धुरी को आम आदमी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां पिछले कुछ वर्षों में सरकार की ओर से कई विकास परियोजनाएं और योजनाएं लागू की गई हैं।
अमृतपाल सिंह इस समय जेल में बंद हैं और खडूर साहिब से सांसद हैं। उनकी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पार्टी की ओर से कई उम्मीदवारों के नाम घोषित किए जा चुके हैं, जिनमें जेल में बंद कुछ नेता भी शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि जमीनी स्तर पर सक्रिय और मजबूत प्रदर्शन करने वाले नेताओं को टिकट देने पर प्राथमिकता दी जाएगी।
हालांकि, अमृतपाल सिंह के धुरी से चुनाव लड़ने को लेकर पार्टी के भीतर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनके पिता और पार्टी से जुड़े नेताओं की ओर से भी इस मुद्दे पर अलग-अलग बयान सामने आए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा है कि धुरी से चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में फिलहाल इसे संभावित चुनावी रणनीति के तौर पर ही देखा जा रहा है।
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दल अभी से अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और अन्य क्षेत्रीय दल अपने-अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने में लगे हैं। ऐसे में अगर अमृतपाल सिंह वास्तव में धुरी से भगवंत मान के सामने चुनाव मैदान में उतरते हैं तो इसका असर केवल धुरी सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंजाब की पंथक और क्षेत्रीय राजनीति पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर पार्टी की आगामी बैठक और अमृतपाल सिंह के अंतिम फैसले पर है।
