युवाओं के भविष्य से नहीं होने देंगे खिलवाड़’: CM भगवंत मान का पेपर लीक पर दावा

ज़ीरकपुर (पंजाब)(गुरप्रीत सिंह): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि AAP सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में राज्य में कोई पेपर लीक देखने को नहीं मिला और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे विवादों पर केंद्र पर कटाक्ष किया।

NEET 2026 क्वालिफाई करने वाले सरकारी स्कूल के छात्रों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मान ने कहा कि उनकी सरकार ने परीक्षा में धोखा-धड़ी के प्रति शून्य सहनशीलता अपनाई है और अनियमितताएँ सामने आते ही तीव्र कार्रवाई करती है।

हालिया फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में हेराफेरी के प्रयासों की सूचना मिलते ही अधिकारियों ने कथित cheating गिरोह पर तुरंत कार्रवाई की।

“गिरोह से जुड़े 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हम कभी भी हमारे छात्रों के भविष्य के साथ समझौता नहीं करेंगे,” मान ने कहा।

देशव्यापी NEET पेपर लीक को लेकर चल रही बहस का हवाला देते हुए मान ने आरोप लगाया कि बार-बार उठने वाले परीक्षा विवाद केंद्र की निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने में असफलता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भी ऐसे ही आरोप लग चुके हैं और ऐसे घटनाक्रम लाखों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के भरोसे को कमज़ोर करते हैं।

राज्य की शैक्षिक उपलब्धियों को उजागर करते हुए मान ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने NEET 2026 क्वालिफाई किया, जबकि 2022 में यह संख्या 82 थी। उन्होंने इस सुधार का श्रेय सार्वजनिक शिक्षा सुदृढ़ करने में सरकार की निरंतर निवेश नीति को दिया।

“इन छात्रों की सफलता यह साबित करती है कि जब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर मिलते हैं, तो वे देश के सर्वश्रेष्ठों से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं,” मुख्यमंत्री ने कहा।

मान ने लुधियाना के आर्यन गुप्ता को भी बधाई दी, जिन्होंने NEET 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल किया—यह पंजाब के लिए गौरव का क्षण बताया गया।

इस वर्ष लगभग 20 लाख उम्मीदवारों ने देश भर में चिकित्सा प्रवेश परीक्षा में भाग लिया।

सीनियर AAP नेता मनीष सिसोदिया, पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैन्स और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और सफल छात्रों को बधाई दी।

बैन्स ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य के Punjab Academic Coaching for Excellence (PACE) कार्यक्रम को दिया, जो अवांती (Avanti) और मैन्ट्रा फॉर चेंज (Mantra for Change) जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी के माध्यम से सरकारी स्कूल के छात्रों को मुफ्त कोचिंग, मेंटरिंग, मॉक टेस्ट और करियर मार्गदर्शन प्रदान करता है। मंत्री के अनुसार यह पहल सरकारी स्कूल के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में सफल प्रतिस्पर्धा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

By Gurpreet Singh

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