चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह):आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि स्वर्गीय जसवंत सिंह खालड़ा केस के मुख्य आरोपी पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह की माफी और समय से पहले रिहाई के बारे में सोशल मीडिया और कुछ कथित तौर पर जिम्मेदार मीडिया हाउस द्वारा फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और पंजाब की मान सरकार को बदनाम करने की गहरी साजिश है।
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने साफ किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐसी किसी फाइल पर साइन नहीं किए हैं और न ही पंजाब सरकार के लेवल पर ऐसी किसी फाइल पर कोई प्रोसेस हुआ है। यह पूरा मामला सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, जिसमें राज्य सरकार का कोई रोल नहीं है। यह अकाली दल (बादल) और उनके सोशल मीडिया सेल हैं जो अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन और पिछले पापों को छिपाने के लिए साफ झूठ फैला रहे हैं।
बलतेज पन्नू ने मीडिया के सामने तथ्य और आंकड़े पेश करते हुए साफ किया कि पूरे केस की जांच सेंट्रल एजेंसी सीबीआई ने की थी। नए कानूनी प्रोविज़न (सेक्शन 477 बीएनएसएस / 435 सीआरपीसी) के तहत, सीबीआई केस में किसी भी आरोपी की समय से पहले रिहाई पर फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है।
उन्होंने कहा कि आरोपी जसपाल सिंह ने खुद 2017 में समय से पहले रिहाई के लिए सेंट्रल गृह मंत्रालयमें अप्लाई किया था, जिसे एमएचए और 2018 में उस समय के राज्यपाल ने रद्द कर दिया था। इसके बाद 2019 और फिर 2023 में यह मामला पूरी तरह से केंद्र सरकार लेवल पर ही चलता रहा।
पन्नू ने सवाल किया कि जब गृह मंत्रालय से पंजाब सरकार को ऐसी कोई फाइल आई नहीं, तो मुख्यमंत्री मान साहिब के हस्ताक्षर होने और फाइल राज्यपाल के ऑफिस में लंबित होने का दावा कैसे किया जा सकता है? ये ओल्ड स्कूल राजनीति करने वाले लोग, जिन्हें न तो गूगल चलाना आता है और न ही एआई या चैटजीपीटी जैसे आधुनिक टूल्स की जानकारी है, केवल सनसनी फैलाने के लिए झूठा प्रचार कर रहे हैं।
शिरोमणि अकाली दल (बादल) को ‘अकाली दल बेअदबी’ का नाम देते हुए पन्नू ने उसके दोहरे चरित्र पर बड़ा हमला बोला। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही बीबी परमजीत कौर खालड़ा के हालिया बयान का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि आज अकाली दल का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है।
बीबी खालड़ा ने खुद साफ़ किया हैं कि 1996 में उनके पूरे परिवार और ह्यूमन राइट्स विंग ने बादल दल की इस उम्मीद में मदद की थी कि सरकार सत्ता में आने पर वे शहीद जसवंत सिंह खालड़ा को ढूंढने और दोषियों को सज़ा दिलाने में मदद करेंगे। लेकिन 1997 में, जैसे ही सरकार बनी, प्रकाश सिंह बादल ने मदद करने के बजाय बीबी खालड़ा को जवाब दिया कि ‘बीबा जी, जो चेयरमैनशिप लेनी है, ले लो और अपने बच्चों को पाल लो, अब इस मामले में क्या रखा है।’ पन्नू ने कहा कि सच कमीशन बनाने और दोषियों को सज़ा दिलाने का वादा करने वाले बादलों ने सरकार आते ही उन हत्यारे अफ़सरों को ऊँचे पदों से नवाज़ा।
बलतेज पन्नू ने कहा कि हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ हुई फिल्म ‘सतलुज’ को किस तरह कुछ ही घंटों में भाजपा की केंद्र सरकार ने हटवाया, उससे साफ़ है कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा मिलकर उस काले दौर की सच्चाई को दबाना चाहते हैं। लेकिन आज की जागरूक पीढ़ी सब जानती है। अकाली दल अपनी नाकामी और धोखे को छिपाने के लिए सुबह-सुबह सोशल मीडिया पर जो झूठ का पुलिंदा फैलाता है, वह अब नहीं चलेगा।
पन्नू ने बिना जांच-पड़ताल किए यह फेक न्यूज़ छापने वाले मीडिया हाउस को भी आड़े हाथों लिया और चेतावनी दी कि गलत फैक्ट्स पर आधारित खबरें कानून के दायरे में आती हैं। एक ज़िम्मेदार पार्टी प्रतिनिधि के तौर पर उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की है कि ऐसी अफवाहें फैलाने और झूठी खबरें छापने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पंजाब के अमन-चैन और सरकार की पार्दशिता को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को कड़ा सबक मिल सके।
