उपराष्ट्रपति ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने आज उप-राष्ट्रपति भवन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धां‍जलि दी।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया और ऐसे महान बलिदान “कभी भी भुलाए नहीं जा सकते।”

उपराष्ट्रपति ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने एक ऐसे भारत की कल्पना की, जहां सभी नागरिक एक ही संवैधानिक ढांचे के तहत समान हों। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 का हटाया जाना, राष्ट्रीय एकता के प्रति डॉ. मुखर्जी की आजीवन प्रतिबद्धता और उन आदर्शों के प्रति श्रद्धांजलि है, जिनके लिए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
उपराष्ट्रपति ने एक सोशल मीडिया संदेश में, डॉ. मुखर्जी को प्रसिद्ध शिक्षाविद, दूरदर्शी राजनेता और राष्ट्र-निर्माता बताया, जिन्होंने भारत की शैक्षिक, राजनीतिक और लोकतांत्रिक यात्रा पर गहरी छाप छोड़ी।

डॉ. मुखर्जी के उल्‍लेखनीय सार्वजनिक जीवन का स्‍मरण करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे कम उम्र के उप-कुलपतियों में से एक, संविधान सभा के सदस्य, अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष, स्वतंत्र भारत के पहले उद्योग और आपूर्ति मंत्री तथा भारतीय जनसंघ के संस्थापक के तौर पर डॉ. मुखर्जी ने देश की असाधारण सेवा की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि डॉ. मुखर्जी राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रबल समर्थक थे, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत के साथ पूरी तरह जोड़ने का प्रयास करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि एक मजबूत, एकजुट, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने के सामूहिक प्रयास में डॉ. मुखर्जी का जीवन और उनके आदर्श पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।

By Rajeev Sharma

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