लुधियाना (गुरप्रीत सिंह):लुधियाना साल 2020 से अब तक लुधियाना में 506 बच्चे लापता हुए और 62 बच्चों का अपहरण हुआ। इनमें से पुलिस ने 294 लापता बच्चों और 58 अपहृत बच्चों को बरामद कर लिया है। वहीं, 212 लापता और चार अपहृत बच्चों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। यह खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता रोहित सभरवाल द्वारा दायर RTI आवेदन के जवाब में हुआ है।
लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट की RTI के जवाब के अनुसार, वर्ष 2020 से अब तक 62 बच्चों का अपहरण हुआ, जिनमें से 58 को बरामद कर लिया गया, जबकि चार बच्चे अभी भी लापता हैं।
कार्यकर्ता ने बताया कि लुधियाना पुलिस की RTI सेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले साढ़े छह वर्षों में पुलिस 41.9 प्रतिशत लापता बच्चों का पता नहीं लगा सकी, जबकि अपहरण किए गए 94 प्रतिशत बच्चों को बरामद करने में पुलिस सफल रही।
RTI कार्यकर्ता ने वर्ष 2020 से 2026 तक की रिपोर्ट प्राप्त की है। इसके अनुसार, वर्ष 2025 में सबसे अधिक 149 बच्चे लापता हुए। इनमें से 120 बच्चों को खोज लिया गया, जबकि 29 बच्चे अभी भी लापता हैं। वर्ष 2024 में 74 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 35 का अब तक पुलिस पता नहीं लगा सकी।
वर्ष 2023 में 52 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 38 अभी भी लापता हैं। वर्ष 2022 में 69 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 24 अभी तक नहीं मिले हैं। वहीं, वर्ष 2021 में 81 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 33 अभी भी लापता हैं। वर्ष 2020 में कुल 52 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 28 का अब तक पुलिस पता नहीं लगा सकी।
इससे पहले, पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने मई महीने में लुधियाना पुलिस से 11 लापता लड़कियों के संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। हालांकि पुलिस पहले ही रिपोर्ट सौंप चुकी थी, लेकिन आयोग ने संशोधित रिपोर्ट मांगी थी। इन 11 लड़कियों में से चार को बरामद कर लिया गया था और जांच में पाया गया कि उनका अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वे स्वयं अपने घरों से चली गई थीं।
