हरियाणा में मनरेगा मजदूरों को देश में सबसे अधिक 409 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी: कृष्ण लाल पंवार

चंडीगढ(बलविंदर सिंह): हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि वीबी जीरामजी के तहत पूरे देश में हरियाणा प्रदेश सबसे ज्यादा मजदूरी 409 रुपए प्रतिदिन देगा, जो अब 15 दिन की बजाए 7 दिन के अंदर मिला करेगी और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही साबित होती है तो उस पर अब 10 हजार रुपए की पेनल्टी भी लगेगी, जो पहले मात्र एक हजार रुपए हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि हेरा-फेरी को रोकने के लिए श्रमिकों की कार्यस्थल पर बायोमेट्रिक से हाजिरी लगाना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत होते ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार की तरफ से इस स्कीम में 590.19 करोड़ रुपये और हरियाणा प्रदेश की तरफ से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में लगभग 370 करोड़ रुपए स्कीम में भेजे हैं।

हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार वीरवार को कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के सभागार में हरियाणा ग्रामीण विकास विभाग के विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी जीरामजी) प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। उन्होंने कुरुक्षेत्र में शहजादपुर गांव के तालाब की खुदाई के कार्य से ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से वीबी जीरामजी योजना का शुभारंभ किया। इसके साथ ही इस कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज चौहान ने ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संबोधित किया।

मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कल 1 जुलाई को पूरे हिंदुस्तान में वीबी जीरामजी स्कीम की शुरुआत हो चुकी है। हरियाणा प्रदेश में इस योजना की शुरुआत धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम से हो रही है। उन्होंने कहा कि पात्र श्रमिक को ऑनलाइन पंजीकरण करना है। पंजीकरण का सत्यापन, फिजिकल वेरिफिकेशन होने के बाद 15 दिन के अंदर रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। वर्षभर में 125 का काम दिया जाएगा। यदि 15 दिन में रोजगार नहीं दे सके तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इस योजना के तहत कार्य की मजदूरी का भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाएगा। श्रमिकों को फसल की कटाई और बिजाई के लिए 60 दिन अवकाश भी दिया जाएगा।
वीबी जीरामजी के तहत 318 प्रकार के कामों को किया जा सकेगा

विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि 1 जुलाई को शुरू की गई वीबी जीरामजी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का विकास, ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। इस योजना में जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा, ग्रामीण संरचना, कृषि एवं आजीविका संबंधित कार्य, जलवायु परिवर्तन, अनुकूल एवं आपदा निम्नीकरण संबंधित कार्य, पशुपालन, मत्स्य पालन, भंडारण, ग्रामीण बाजार, कौशल विकास को शामिल किया गया है। इस तरह के 318 ऐसे काम हैं, जिनको वीबी जीरामजी के तहत किया जा सकता है। सभी कार्यों की लिस्ट विभाग के कार्यालयों में पहुंच गई हैं।

प्रदेश की 3 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं पर विशेष तौर से फोकस किया गया है। महिलाओं के लिए ट्रेनिंग कम स्किल डेवलपमेंट सेंटर और उनके कार्य संबंधी वर्क पर पैसा खर्च हो सकेगा। हरियाणा प्रदेश में लगभग 70 हजार सेल्फ हेल्प ग्रुप हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में 5 लाख को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। करीब 3 लाख लखपति दीदी बन चुकी हैं।
कांग्रेस पार्टी ने सदन में किया था बिल का विरोध
मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि जब वीबी जीरामजी बिल को लोकसभा और राज्यसभा में लाया गया तो सबसे पहले विपक्ष में कांग्रेस ने उसका विरोध किया। कांग्रेस की सोच अच्छे काम के लिए विरोध करना है, जबकि वीबी जीरामजी कोई नई योजना नहीं है। यह वर्ष 1960 की योजना है। समय -समय पर योजना में कुछ अच्छे परिवर्तन हुए हैं। अब भी ऐसा ही किया गया है।

2 लाख का बीमा, रिक्त पदों पर भर्ती व सड़क देखरेख को योजना में जोड़ने का सुझाव केंद्रीय मंत्री के सामने रखा

मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान के साथ आयोजित 2 दिवसीय शिविर में वीबी जीरामजी योजना को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के सामने सुझाव देते हुए कहा कि इस योजना में प्रधानमंत्री सड़क योजना-4 के कार्य को वीबी जीरामजी के साथ जोड़ा जाए। इसके साथ ही सडक़ निर्माण के बाद देखरेख का बजट अलग से तय हो और उस कार्य को इस योजना के माध्यम से करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैटेरियल पेमेंट में 60 प्रतिशत हिस्सा लेबर का होता है। इस हिस्सा को अलग रखा जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क के बीच खड़े पेड़ को हटाने की एनजीटी की पाबंधी को खत्म किया जाए और पीएम आवास योजना व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत एक किश्त आने के बाद दूसरी और तीसरी किश्त में काफी समय लगता है, जिससे गरीब व्यक्ति का मकान अधर में पड़ा रहता है। ये किश्त जल्दी जारी करने की बात रखी। इसके साथ ही इस योजना के तहत काम करने वाले रिक्त पदों को भरा जाए।

उन्होंने कहा कि काम के दौरान किसी श्रमिक की मृत्यु होने पर मात्र 25 हजार रुपए देने का प्रावधान है। इस प्रावधान को आगे बढ़ाते हुए दो लाख का बीमा किया जाए, ऐसी किसी अनहोनी होने पर परिवार की आर्थिक मदद हो सके। हरियाणा प्रदेश में मुख्यमंत्री खेतिहर किसान मजदूर योजना के तहत मार्केटिंग बोर्ड की तरफ से मृत्यु होने पर 5 लाख रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है।

By Balwinder Singh

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