हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने भिवानी के एक सरकारी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्हें एक मरीज की ओर से इलाज में लापरवाही और सुविधाओं की कमी को लेकर शिकायत मिली। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अस्पताल प्रशासन से तत्काल जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मीना परमार ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया और भर्ती मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों से इलाज, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति और अन्य सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया। इसी दौरान एक मरीज ने उपचार में लापरवाही और समय पर उचित सुविधा नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सा कर्मचारियों को मौके पर बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या मरीजों के साथ असंवेदनशील व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मीना परमार ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और उपचार व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकीय सुविधाओं और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक रिकॉर्ड की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि मरीजों की शिकायतों को गंभीरता से लेना और उनका समयबद्ध समाधान करना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशील कार्यशैली बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को सम्मानजनक व्यवहार के साथ बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। मामले में संबंधित शिकायत की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
