सीमा सड़क संगठन के प्रोजेक्ट ब्रह्मांक ने अपना 16वां स्थापना दिवस मनाया

नई दिल्ली(राजीव शर्मा): सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की परियोजना ब्रह्मांक ने 29 जून, 2026 को अरुणाचल प्रदेश के राणाघाट में अपना 16वां स्थापना दिवस मनाया। इस क्षेत्र में यह रणनीतिक अवसंरचना और सम्पर्क के विकास के लिए समर्पित सेवा के पंद्रह वर्षों का प्रतीक है। यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश के सियांग, पूर्वी सियांग, पश्चिमी सियांग, ऊपरी सियांग और शि-योमी जिलों के साथ-साथ असम के धेमाजी जिले के कुछ हिस्सों में रणनीतिक सड़क अवसंरचना के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।

इस परियोजना को 811 कि.मी. सड़कों और लगभग 86 पुलों के रखरखाव और विकास का दायित्व सौंपा गया है। इसमें पुलिया से लेकर बड़े स्टील और मेहराबदार पुल शामिल हैं। इसकी कुछ प्रमुख इंजीनियरिंग उपलब्धियों में सियोम नाले पर बना 100 मीटर लंबा स्टील मेहराबदार पुल और अलोंग-यिंगकिओंग रोड पर सिमांग नाले पर बना 165 मीटर लंबा पीएससी पुल शामिल हैं।

ब्रह्मांक परियोजना ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। इसमें सियांग और सियोम घाटियों पर कुल 390 मीटर की लंबाई वाले 13 पुलों का उद्घाटन और राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन (एनएचडीएल) के मानकों के अनुसार 61 कि.मी. सड़कों का पक्कीकरण शामिल है। इस परियोजना के अंतर्गत क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने और रणनीतिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए हेलीपैड भी विकसित किए गए हैं।

16वें स्थापना दिवस समारोह के हिस्से के रूप में मुख्यालय और टास्क फोर्स के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक और कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर को यादगार बनाने और कर्मियों के बीच सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए सैनिक सम्मेलन, सैनिकों के बीच संवाद और बड़ा खाना/मेस जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।

अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के राणाघाट में 29 जून, 2011 को शुरू हुई यह परियोजना 3 दिसंबर, 2011 को पूरी तरह से चालू हो गई। ऊबड़-खाबड़ भूभाग, लगातार बारिश, खराब संपर्क और सीमित अवसंरचना जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद, यह परियोजना सशस्त्र बलों को रणनीतिक और परिचालन संपर्क प्रदान करने के साथ-साथ दूरदराज के गांवों को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

By Rajeev Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *