‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान होगा और तेज, CM मान ने DCs-SSPs को दिए सख्त निर्देश

बठिंडा(गुरप्रीत सिंह): पंजाब ने नशा-विरोधी अभियान तेज किया: मुख्यमंत्री मान ने जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को ‘युद्ध नशा के विरुद्ध’ अभियान तेज करने के निर्देश दिए
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DCs), पुलिस आयुक्तों (CPs) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSPs) को चल रहे ‘युद्ध नशा के विरुद्ध’ अभियान को तेज करने का निर्देश दिया, यह दोहराते हुए कि पंजाब के युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।
ये निर्देश बठिंडा से आयोजित एक वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए, जहाँ मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा के साथ मिलकर ग्राम रक्षा समितियों (VDCs) के कामकाज और नशा-विरोधी पहल की प्रगति का आकलन किया।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए, मान ने कहा कि सरकार ने पहले ही कई नशा सप्लाई नेटवर्क तोड़ दिए हैं और प्रमुख नशा तस्करों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि राज्य को पूरी तरह नशे से मुक्त किए जाने तक अभियान को अधिक तीव्रता से जारी रखा जाना चाहिए।
ग्राम रक्षा समितियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये जमीनी निकाय राज्य की नशा-विरोधी रणनीति में एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गई हैं। पिछले तीन महीनों में, VDCs ने कथित तौर पर नशा तस्करी से संबंधित 13,000 से अधिक शिकायतें भेजी हैं, जो अभियान में बढ़ती सार्वजनिक सहभागिता को दर्शाता है। मान ने जिला प्रशासनों को प्रतिमाह VDC बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया और कहा कि उनके प्रदर्शन की नियमित रूप से राज्य स्तर पर समीक्षा की जाएगी।
नशा-सम्मति को केवल कानून-व्यवस्था का मामला न मानकर एक सामाजिक चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी सफलता के लिए सामुदायिक भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि निगरानी सुदृढ़ करने और नशे से जुड़ी गतिविधियों की पहचान में सार्वजनिक सहयोग बढ़ाने के लिए पंजाब भर में लगभग 1.5 लाख VDC सदस्यों को सक्रिय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नशा तस्करों की जानकारी देने वाले नागरिकों की पहचान की सुरक्षा करने और ग्राम समुदायों के साथ नियमित संवाद बनाए रखकर जन-विश्वास बढ़ाने के निर्देश भी दिए।
पुनर्वास के मोर्चे पर, मान ने कहा कि सरकार ने सरकारी डि-एडिक्शन व पुनर्वास केंद्रों की क्षमता 1,500 से बढ़ाकर 5,000 बिस्तरों तक कर दी है। आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) केंद्रों का नेटवर्क भी विस्तारित किया गया है, जबकि पहुंच सुधरने के लिए मौजूदा सुविधाओं को उन्नत किया गया है।
उन्होंने ‘सूरमा’ पहल को भी रेखांकित किया, जिसके तहत दो साल से अधिक समय तक नशामुक्त रहने वाले व्यक्तियों को रिकवरी के राजदूत नियुक्त किया जाएगा। ये स्वयंसेवक नशे से जूझ रहे लोगों को उपचार कराने और सफलतापूर्वक समाज में फिर से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
पुलिस व जिला प्रशासन पर भरोसा जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई के लिए सतत प्रवर्तन, प्रभावी पुनर्वास और सक्रिय लोक समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर समन्वित प्रयासों से पंजाब नशामुक्त राज्य बनने के लक्ष्य के और करीब जा सकता है।

By Gurpreet Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *