विदेश मंत्रालय ने वैध चीनी दस्तावेजों के बिना कैलाश मानसरोवर यात्रा पर न जाने की चेतावनी दी

नई दिल्ली (राजीव शर्मा): विदेश मंत्रालय (MEA) ने कैलाश मानसरोवर यात्रा की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों को देश छोड़ने से पहले वीज़ा और परमिट से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करने की सलाह दी है। यह सलाह उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें कहा गया था कि अधूरे यात्रा दस्तावेजों के कारण कई तीर्थयात्री नेपाल में फंस गए हैं।

एक आधिकारिक एडवाइजरी (सलाह) में मंत्रालय ने कहा कि उसे उन भारतीय नागरिकों से सहायता के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं, जो नेपाल पहुँचने के बाद अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ रहे क्योंकि उनके पास आवश्यक चीनी प्रवेश परमिट और वीज़ा नहीं थे। इनमें से कई यात्रियों ने कथित तौर पर निजी ऑपरेटरों द्वारा आयोजित दौरों (टूर) में भाग लिया था।

विदेश मंत्रालय ने आगाह किया कि बिना पुख्ता दस्तावेजों के यात्रा शुरू करने से तीर्थयात्री बीच में फंस सकते हैं, जिससे अनावश्यक वित्तीय नुकसान और तार्किक (लॉजिस्टिक्स) कठिनाइयाँ हो सकती हैं। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि तीर्थयात्री इस तरह के आश्वासनों पर भरोसा न करें कि नेपाल पहुँचने के बाद परमिट या वीज़ा की व्यवस्था कर दी जाएगी।

चूँकि कैलाश मानसरोवर यात्रा में चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (Tibet Autonomous Region) में प्रवेश शामिल है, इसलिए प्रतिभागियों के लिए सीमा पार करने से पहले सभी अनिवार्य यात्रा स्वीकृतियाँ साथ रखना आवश्यक है। अधिकारियों ने कहा कि इन दस्तावेजों के न होने पर यात्रा पूरी करना असंभव हो जाता है, भले ही यात्रा की अन्य व्यवस्थाएं कितनी भी पुख्ता क्यों न हों।

मंत्रालय ने श्रद्धालुओं से तीर्थयात्रा पैकेज बुक करते समय उचित सावधानी बरतने का भी आग्रह किया है। संभावित यात्रियों को यह सत्यापित करने की सलाह दी गई है कि टूर ऑपरेटर आधिकारिक रूप से पंजीकृत है और यात्रा आयोजित करने व आवश्यक दस्तावेज तैयार करने के लिए अधिकृत है।

अधिकारियों ने संज्ञान लिया कि असत्यापित ट्रैवल एजेंसियों को चुनने या ऑपरेटर की साख की पुष्टि किए बिना भुगतान करने से तीर्थयात्री अनावश्यक जोखिमों का शिकार हो सकते हैं। उन्होंने प्रस्थान (रवानगी) से काफी पहले सभी यात्रा दस्तावेजों, परमिटों और यात्रा कार्यक्रम (इटीनेररी) के विवरण की जाँच करने की सिफारिश की है।

यह एडवाइजरी तीर्थयात्रा के सीजन के दौरान आई है, जब हजारों श्रद्धालु माउंट कैलाश और मानसरोवर झील की आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण यात्रा पर जाते हैं। इस मार्ग पर संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियमों और सीमा प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना आवश्यक होता है।

विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि हालांकि विदेशों में आपात स्थिति का सामना कर रहे नागरिकों को भारतीय मिशन (दूतावास) सहायता प्रदान करते हैं, लेकिन यात्रियों को यह सुनिश्चित करने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि यात्रा शुरू करने से पहले उनके सभी कागजी दस्तावेज पूरे हों।

इस एडवाइजरी को जारी करके मंत्रालय का उद्देश्य भारतीय तीर्थयात्रियों के विदेशों में फंसने के मामलों को रोकना और देश की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक यात्राओं में से एक के लिए सुरक्षित व बेहतर नियोजित यात्रा को बढ़ावा देना है। मंत्रालय ने सभी इच्छुक तीर्थयात्रियों से दस्तावेजों का पूरी तरह सत्यापन करने और हर आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद ही यात्रा की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।

By Rajeev Sharma

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