420 शहीद आश्रितों को मिली सरकारी नौकरी, अग्निवीरों को आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य बना हरियाणा

चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि कोई भी समाज या राष्ट्र मातृभूमि की रक्षा करने वाले अपने सैनिकों का ऋण नहीं चुका सकता, लेकिन सरकारें उन वीर जवानों तथा उनके परिवारों के कल्याण एवं हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहती हैं। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में हरियाणा सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के जवानों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।

राव नरबीर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का गठन किया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2026-27 के बजट में सैनिकों के पुनर्वास एवं आजीविका संवर्धन के लिए हरियाणा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण निगम की स्थापना की घोषणा की है, जिसकी प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके अलावा विभाग के बजट में 58.93 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 178.14 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक शहीद सैनिकों के 420 आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है। साथ ही सशस्त्र पुलिस बलों और अग्निवीरों के लिए दी जाने वाली एकमुश्त वीरता पुरस्कार राशि में भी वृद्धि की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए सरकारी नौकरियों में भूतपूर्व सैनिकों की तर्ज पर आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा नीति को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, पलवल, पानीपत, झज्जर, नूंह, फतेहाबाद, जींद, नारनौल और रेवाड़ी में एकीकृत सैनिक सदनों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। नूंह में जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का कार्यालय भी खोला गया है। इसके अलावा रेवाड़ी में सैनिक संग्रहालय तथा नसीबपुर (नारनौल) में युद्ध स्मारक स्थापित करने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल पर नसीबपुर में युद्ध स्मारक बनाने का निर्णय लिया गया है और इसकी समीक्षा भी की जा रही है।

राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सदैव वीर सैनिकों की भूमि रहा है। राज्य के युवा थल सेना, जल सेना और वायु सेना के साथ-साथ बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी तथा असम राइफल्स जैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हरियाणा के सेवानिवृत्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों का पंजीकरण सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी जिला सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण कार्यालयों, पूर्व सैनिक संगठनों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल संगठनों, पंचायती राज संस्थाओं तथा स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि वे पात्र कर्मियों को पंजीकरण के लिए प्रेरित करें और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें।

By Balwinder Singh

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