नई दिल्ली (राजीव शर्मा): उपराष्ट्रपति और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने ‘नशा मुक्त परिसर अभियान’ के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की प्रशंसा की है।
सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में उपराष्ट्रपति ने इस वर्ष की शुरुआत में विश्वविद्यालय में ‘नशामुक्त परिसर अभियान’ और ‘ई-प्रतिज्ञा मंच’ के शुभारंभ को याद करते हुए विद्यार्थियों से ‘नशामुक्त भारत’ के दूत बनने और मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ खड़े होने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति ने इस अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की और बताया कि सामूहिक प्रयासों के चलते 53,000 से अधिक विद्यार्थियों ने अनिवार्य प्रतिज्ञा ली है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें एक अधिक स्वस्थ, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
उपराष्ट्रपति ने देश भर के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से इस प्रयास में शामिल होने और अपने विद्यार्थियों को इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘नशामुक्त भारत’ के विजन को साकार करने के लिए युवाओं के बीच सामूहिक प्रयास और निरंतर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
