नई दिल्ली(राजीव शर्मा):भारत के सामुदायिक स्थल, शहरी क्षेत्र और पार्क लंबे समय से लोगों को एक साथ लाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का काम करते आ रहे हैं। शहरी जीवन की रफ्तार लगातार तेज होने के साथ-साथ ये सार्वजनिक स्थल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में और भी महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। इनकी क्षमता को पहचानते हुए आयुष मंत्रालय ने योग पार्क पोर्टल का शुभारंभ किया है ताकि देश भर के मौजूदा पार्कों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में परिवर्तित किया जा सके जहां योग, ध्यान और स्वस्थ जीवनशैली दैनिक जीवन का हिस्सा बने।
मध्य प्रदेश के खजुराहो में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के 25-दिवसीय पूर्वापेक्षा कार्यक्रम के दौरान आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने योग पार्क पोर्टल का शुभारंभ किया। पुनः आरंभ किए गए योग संगम पोर्टल के साथ ही इसका शुभारंभ किया गया। यह प्लेटफॉर्म योग की जमीनी पहुंच को गहरा करने और देश भर में स्थायी स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में मंत्रालय की प्रमुख पहलों में से एक है।
योग पार्क पहल का उद्देश्य मूल रूप से पार्कों को केवल मनोरंजन स्थल के रूप में नहीं बल्कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के रूप में बदलना है। इस पोर्टल के माध्यम से पंचायती राज संस्थाएं, शहरी स्थानीय निकाय, निवासी कल्याण संघ, गैर-सरकारी संगठन, कॉर्पोरेट संस्थाएं और अन्य संस्थान मौजूदा पार्कों को योग पार्कों में विकसित करने में भाग ले सकते हैं जो नियमित योग अभ्यास, ध्यान, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं।
श्री प्रतापराव जाधव ने इस पहल के महत्व पर कहा कि योग पार्क स्थायी सामुदायिक संपत्तियों के रूप में काम करेंगे जो स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देंगे और भारत के निवारक स्वास्थ्य देखभाल तंत्र को मजबूत करेंगे। यह पहल योग को दैनिक जीवन में एकीकृत करने और देश भर के मोहल्लों और समुदायों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय की व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पारंपरिक अवसंरचना परियोजनाओं के विपरीत जो केवल भौतिक विकास पर केंद्रित होती हैं, योग पार्क में स्वास्थ्य, पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक भागीदारी का समावेश है। इस पहल का उद्देश्य मौजूदा सार्वजनिक पार्कों को योग अभ्यास, ध्यान और सामुदायिक स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए सुसज्जित स्वागत योग्य स्थानों में बदलना है। यहां योग के लिए समर्पित चबूतरे, ध्यान क्षेत्र, हरे-भरे क्षेत्र, जागरूकता केंद्र और सामूहिक सत्रों के लिए खुले स्थान विकसित किए जा सकते हैं, ताकि सभी आयु वर्ग के लोगों की नियमित भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके।
इस पहल की एक खास विशेषता इसका सहयोगात्मक कार्यान्वयन मॉडल है। स्थानीय अधिकारियों और सामुदायिक संगठनों से उपयुक्त पार्कों की पहचान और रखरखाव में अग्रणी भूमिका निभाने की अपेक्षा की जाती है, जबकि योग संस्थान जागरूकता कार्यक्रमों और नियमित योग सत्रों में सहयोग कर सकते हैं। यह पहल कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के माध्यम से भागीदारी को भी प्रोत्साहित करती है, जिससे कंपनियां स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दे सकें और स्थानीय समुदायों को सीधे लाभ पहुंचा सकें।
मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि सीएसआर समर्थित योग पार्क दैनिक योग अभ्यास, स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों और सामुदायिक कल्याण कार्यक्रमों के लिए सुलभ स्थान उपलब्ध कराकर एक स्थायी सार्वजनिक स्वास्थ्य विरासत का निर्माण कर सकते हैं। भाग लेने वाली कंपनियों को सामाजिक कल्याण में उनके योगदान के लिए उचित मान्यता भी मिल सकती है, जिससे निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने में निजी क्षेत्र की भूमिका को बल मिलेगा।
योग पार्क पोर्टल बुनियादी ढांचे के विकास के अलावा राष्ट्रव्यापी भागीदारी के लिए एक डिजिटल ढांचा प्रस्तुत करता है। यह प्लेटफॉर्म हितधारकों को इस पहल में शामिल होने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश, अवधारणा नोट्स, पंजीकरण तंत्र और संसाधन उपलब्ध कराता है। सरकारी संस्थानों, स्थानीय निकायों, सामुदायिक संगठनों और कॉर्पोरेट भागीदारों को एक ही पोर्टल के माध्यम से एकजुट करके, मंत्रालय का उद्देश्य स्वास्थ्य और कल्याण पर केंद्रित एक समन्वित राष्ट्रीय आंदोलन का निर्माण करना है।
यह पहल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के विषय “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” से भी पूरी तरह मेल खाती है। दुनिया भर में बढ़ती जीवनशैली संबंधी समस्याओं, तनाव और उम्र से संबंधित स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए, सुलभ सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र नियमित शारीरिक गतिविधि, ध्यान और सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। योग पार्कों की परिकल्पना ऐसे समावेशी वातावरण के रूप में की गई है जहां बच्चे, युवा, कामकाजी पेशेवर और वरिष्ठ नागरिक सभी अपने दैनिक जीवन में योग के अभ्यास से लाभ उठा सकें।
महत्वपूर्ण बात यह है कि योग पार्क का उद्देश्य एक ऐसी स्थायी विरासत का निर्माण करना है जो अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के वार्षिक आयोजन से कहीं आगे तक फैले। हालांकि सामूहिक योग प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रम जागरूकता पैदा करते हैं वहीं समर्पित स्वास्थ्य केंद्र बनाकर एक स्थायी सामुदायिक संसाधन उपलब्ध कराया जा सकता है जो नागरिकों को पूरे वर्ष सेवा प्रदान करता रहेगा। इस अर्थ में, यह पहल आयोजन-आधारित भागीदारी से हटकर सतत स्वास्थ्य गतिविधियों की ओर एक बदलाव का प्रतिनिधित्व करती है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पिछले एक दशक में विश्व के सबसे बड़े जन कल्याण आंदोलनों में से एक बन गया है। योग पार्क पोर्टल जागरूकता को बुनियादी ढांचे में और भागीदारी को दीर्घकालिक सामुदायिक लाभ में परिवर्तित करके इस गति को आगे बढ़ाता है। जैसे-जैसे भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अधिक से अधिक पार्क इस पहल में शामिल होते जाएंगे, योग पार्क में निवारक स्वास्थ्य देखभाल, पर्यावरणीय सामंजस्य और समग्र कल्याण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का एक स्थायी प्रतीक बनने की क्षमता है।
