प्रधानमंत्री ने सामूहिक समृद्धि और सार्वभौमिक कल्याण के लिए आशीर्वाद की कामना के भाव से परिपूर्ण संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

दिल्ली(राजीव शर्मा):प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया। जिसमें सभी के विकास, समृद्धि और सामूहिक कल्याण के लिए आशीर्वाद का आह्वान किया गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

“वनस्पते शतवल्शो वि रोह सहस्रवल्शा वि वयं रुहेम।

यं त्वामयं स्वधितिस्तेजमानः प्रणिनाय महते सौभगाय॥”

हे वनस्पति, तुम सैकड़ों-हजारों शाखाओं के साथ विकसित और समृद्ध बनो, और हम भी तुम्हारे साथ उन्नति करें। जिस तेजस्वी शक्ति ने तुम्हें महान कल्याण और समृद्धि के लिए विकसित किया है, वही हम सबके लिए भी मंगलकारी हो।

By Rajeev Sharma

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