डिजिलॉकर एकीकरण की असाधारण पहलों के लिए पांच राज्यों को सम्मानित किया गया

दिल्ली (राजीव शर्मा):राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) सार्वजनिक सेवाओं की सुचारु और कुशल डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए देश भर में नागरिक सेवाओं के साथ डिजिलॉकर को एकीकृत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत एनईजीडी ने विभिन्न राज्य डिजिटल सेवा प्लेटफार्मों के साथ डिजिलॉकर के एकीकरण को सुगम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इस क्षेत्र में अनुकरणीय पहलों को मान्यता देते हुए डिजिलॉकर एकीकरण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पांच राज्यों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान 11 मई, 2026 को आयोजित ‘राज्य डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला’ के दौरान प्रदान किया गया।

इस कार्यक्रम के दौरान पांच राज्‍यों- गुजरात, कर्नाटक, केरलम, नागालैंड और राजस्थान- के अधिकारियों और एसईएमटी टीमों को राज्य सरकार की सेवाओं में बड़े पैमाने पर डिजिलॉकर एकीकरण और इसे अपनाने में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान एमईआईटीवाई के डिजिटल गवर्नेंस डिवीजन के संयुक्त सचिव और एनईजीडी के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री नंद कुमारम द्वारा एमईआईटीवाई के संयुक्त सचिव श्री के.के. सिंह, सीईआरटी-आईएन के महानिदेशक डॉ. संजय बहल, एनआईसी के एचओजी श्री वी.टी.वी. रमना और एमईआईटीवाई के साइबर सुरक्षा डिवीजन की महाप्रबंधक सुश्री सविता उट्रेजा की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

मान्यता प्राप्त राज्यों ने कई विभागीय सेवाओं के साथ डिजिलॉकर को एकीकृत करने में अनुकरणीय प्रदर्शन किया, जिससे दस्तावेज़ों तक पहुंच आसान हो गई, भौतिक सत्यापन की आवश्यकताएं कम हो गईं और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ, जैसा कि नीचे उल्लेख किया गया है:

गुजरात – राज्य ने 65 प्रतिशत सेवाओं को डिजिलॉकर से जोड़ा है और 1.92 करोड़ से अधिक नागरिकों के लिए डिजिटल इकोसिस्टम का विस्तार किया है। गुजरात को बस परिवहन में नवाचार के लिए भी पुरस्कृत किया गया है, जहां उन्होंने डिजिटल दिव्‍यांगता प्रमाण पत्र सक्षम किए हैं, जिन्हें मुफ्त परिवहन का लाभ उठाने के लिए दिखाया जा सकता है।
कर्नाटक – राज्‍य में ‘डिजिटल कर्नाटक’ की ओर बढ़ते हुए 73 प्रतिशत सरकारी ई-सेवाओं को प्‍लेटफार्म पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां 2.7 करोड़ से अधिक नागरिकों के साथ सबसे अधिक डिजिलॉकर खाते पंजीकृत हैं। कर्नाटक ने बहुत कम समय में सभी 5 विद्युत वितरण कंपनियों को जोड़कर 3 करोड़ बिद्युत बिल रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण का लक्ष्‍य हासिल किया।
केरलम – राज्य ने विभिन्न विभागों के समन्वय से 7 दिनों से भी कम समय में 117 से अधिक सेवाओं को अपने प्लेटफॉर्म पर शामिल कर लिया है। केरलम 1.15 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान करता है।
नागालैंड – ‘डिजिटल राइजिंग स्टेट’ के रूप में नामित नागालैंड ने मात्र एक महीने में 32 से अधिक सेवाओं को एकीकृत कर लिया है। नागालैंड ने जारीकर्ता और अनुरोधकर्ता दोनों मॉडलों में एकीकरण किया है, जो डिजिटल परिवर्तन में उनकी उत्कृष्टता को दर्शाता है।
राजस्थान – राज्य ने 7.5 करोड़ से अधिक नागरिकों को लाभ पहुंचाते हुए डिलीलॉकर के साथ पारिवारिक रजिस्टर ‘जन आधार’ को लागू किया। राज्‍य ने बिजली बिल और कई अन्य सेवाओं को तीव्र गति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर बोलते हुए श्री नंद कुमारम ने सहयोगात्मक डिजिटल गवर्नेंस के महत्व पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि डिजिलॉकर जैसे सुरक्षित, अंतरसंचालनीय और नागरिक-केंद्रित प्लेटफॉर्म विश्वसनीय डिजिटल गवर्नेंस के भारत के विजन के केंद्र में हैं।

राज्यों के इस सम्‍मान ने मजबूत, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित डिजिटल गवर्नेंस प्रणाली बनाने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया, साथ ही अन्‍य राज्यों को सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए विस्‍तार योग्‍य और परस्‍पर-संचालित डिजिटल प्लेटफॉर्म अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

By Rajeev Sharma

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