हरियाणा के नूंह में भाजपा नेता जाहिद हुसैन को गैंग के नाम पर धमकी देकर 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। जाहिद हुसैन भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और नूंह के पूर्व चेयरमैन बताए जा रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, धमकी देने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा बताया और दो दिन के अंदर 5 करोड़ रुपए देने की मांग की। रकम नहीं देने पर जाहिद हुसैन और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
जाहिद हुसैन के अनुसार, 27 सितंबर की रात करीब 8:18 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना परिचय गैंग के सदस्य के तौर पर दिया। उसने कहा कि अगर उन्हें अपनी और अपने बच्चों की जान प्यारी है तो दो दिन के अंदर 5 करोड़ रुपए का इंतजाम कर दें। शिकायत में यह भी बताया गया है कि कॉल करने वाले ने दावा किया कि उसके पास जाहिद हुसैन और उनके परिवार की पूरी जानकारी है।
शिकायत के मुताबिक, कॉल करने वाले ने यह भी कहा कि उसका बॉस जाहिद हुसैन से बात करना चाहता है। अगर उन्होंने बॉस से बात नहीं की तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। जाहिद हुसैन ने कथित तौर पर धमकी से डरने से इनकार किया, जिसके बाद फोन काट दिया गया। करीब पांच मिनट बाद उसी नंबर से दोबारा कॉल आने की बात सामने आई है। दूसरी कॉल में कथित तौर पर उनसे हां या ना में जवाब मांगा गया और पैसे नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई।
घटना के बाद जाहिद हुसैन ने नूंह के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन को लिखित शिकायत दी। उन्होंने अपने और परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए धमकी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जाहिद हुसैन ने कहा कि वह धमकी से डरने वाले नहीं हैं। शिकायत में उन्होंने खुद को भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य और नूंह के गांव बाई का निवासी बताया है।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमकी भरी कॉल उत्तर प्रदेश से की गई थी। पुलिस उस मोबाइल नंबर की जांच कर रही है, जिससे कथित तौर पर कॉल की गई। कॉल करने वाले की पहचान और गैंग से उसके किसी वास्तविक संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जाहिद हुसैन ने धमकी के बावजूद सोमवार को नूंह लघु सचिवालय में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी हिस्सा लिया। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी देने वाला वास्तव में किसी गैंग से जुड़ा था या गैंग के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने की कोशिश की गई।
