चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवाएं बंद होने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे बाइक चालकों ने शनिवार को अपनी बाइक की चाबियां एकत्रित कर प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाने का निर्णय लिया। चालकों का कहना है कि जब शहर में चारों ऐप आधारित बाइक सेवाएं बंद हैं और उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा, तो वे बाइक की किस्तें और घर का खर्च कैसे चलाएं।
ऐप बेस्ड वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों ने कहा कि अधिकांश चालक अपनी बाइक की किस्तें भरते हैं और परिवार का पालन-पोषण इसी आय से करते हैं। सेवाएं बंद होने के बाद आमदनी पूरी तरह रुक गई है। ऐसे में लगातार बढ़ते खर्च और किस्तों के बीच उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
चालकों ने कहा कि जब बाइक से कमाई का रास्ता ही बंद कर दिया गया है, तो उसकी किस्त कौन भरेगा? उन्होंने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें काम करने का रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की। यूनियन ने कहा कि मजबूरी में वे अपनी बाइक की चाबियां प्रशासन को सौंप रहे हैं, ताकि अधिकारी उनकी स्थिति और समस्या को गंभीरता से समझें।
