चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की बजट घोषणा के अनुरूप सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत 4,000 नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन डिपो का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया गया है, उन्हें निकटवर्ती डिपो से जोड़े जाने की जानकारी मुख्यालय के साथ-साथ आम जनता तक भी पहुंचाई जाए ताकि राशन उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री नागर ने कहा कि केंद्र सरकार के ‘एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड’ के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से लागू करना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खराब पीओएस मशीनों का डाटा आधार से अपडेट किया जाए तथा इनमें आई-स्कैनर और फेस-स्कैनर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएं।
मंत्री ने कहा कि राशन डिपो संचालकों की मार्जिन मनी प्रत्येक माह की 10 तारीख तक उनके खातों में पहुंचनी चाहिए। साथ ही उन्होंने डिपो के स्टॉक की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर विशेष टीम गठित करने तथा महीने में कम से कम चार से पांच बार रैंडम निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अंत्योदय अन्न योजना और बीपीएल श्रेणी के कुल 40 लाख परिवार हैं, जिनके 1.57 करोड़ लाभार्थियों को हर माह राशन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें 2.86 लाख अंत्योदय परिवार तथा 37.14 लाख बीपीएल परिवार शामिल हैं।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय परिवारों को 35 किलोग्राम तथा बीपीएल परिवारों को प्रति सदस्य 5 किलोग्राम गेहूं निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से एक किलोग्राम चीनी 13.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से तथा एक और दो लीटर सरसों का तेल बाजार मूल्य से कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है।
श्री राजेश नागर ने अधिकारियों को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान की सार्वजनिक वितरण प्रणालियों का अध्ययन करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह देखा जाए कि वहां उपभोक्ताओं को राशन के साथ कौन-कौन सी अतिरिक्त वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2018 से पहले सरसों के तेल के स्थान पर 2.5 किलोग्राम चने की दाल वितरित की जाती थी। बाद में नागरिक संसाधन सूचना विभाग के डाटा के साथ मिलान के बाद बीपीएल परिवारों की संख्या में कमी दर्ज की गई।
विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. जे. गणेशन ने मंत्री को बताया कि डिपो संचालकों की मार्जिन मनी के भुगतान के लिए एक विशेष पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया स्वचालित हो जाएगी और राशि सीधे डिपो संचालकों के खातों में जमा हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 के लिए 42.90 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
बैठक में भंडारण क्षमता बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि सरकारी खरीद के बाद मंडियों में भंडारण की समस्या सामने आती है, इसलिए विभाग को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की तर्ज पर केंद्रीय गारंटी आधारित वेयरहाउसिंग नीति तैयार करनी चाहिए। इससे निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए 54 हजार जूट गांठों की आवश्यकता को देखते हुए जूट आयुक्त, कोलकाता को ऑर्डर भेजा जा चुका है।
राइस मिलों के सत्यापन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में कुल 1,401 राइस मिलें हैं, जिनमें से 524 का पीवी (फिजिकल वेरिफिकेशन) निरीक्षण पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष मिलों का सत्यापन 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। इस पर मंत्री ने करनाल, हिसार और यमुनानगर की राइस मिलों में सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की जांच के लिए मुख्यालय से विशेष टीमें भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पीवी प्रक्रिया के दौरान संबंधित मिलर की उपस्थिति अनिवार्य होती है और उसके मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर ही विभागीय अधिकारी सत्यापन प्रक्रिया पूरी करते हैं।
बैठक में विभाग के महानिदेशक अंशज सिंह, विशेष सचिव जगदीप ढांडा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
