05
Jul
चंडीगढ़(बलविंदर सिंह):आपराधिक कार्यवाहियों में जमानतदार की अधिकारों को स्पष्ट करते हुए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि जिसने किसी आरोपी/दोषी के लिए श्योरटी दी है, वह किसी भी चरण पर उस जिम्मेदारी से मुक्त होने का अनुरोध कर सकता है। अदालत ने जोर देकर कहा कि ऐसी अपील मिलने पर मजिस्ट्रेट तकनीकी आधारों पर उसे खारिज न करें, बल्कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत निर्धारित प्रक्रिया अपनाना कानूनी दायित्व है। न्यायमूर्ति मनीषा बत्रा ने यह निर्णय तब सुनाया जब दो व्यक्तियों द्वारा दायर याचिका को मंजूर किया गया, जिन्होंने उस दोषी के लिए श्योरटी बांड…
