खरीफ बुवाई से पहले खाद आपूर्ति पर फोकस, श्याम सिंह राणा ने दिए निर्देश

चंडीगढ़ ,(बलविंदर सिंह):हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने सभी कृषि विकास अधिकारियों को अपने-अपने अधीन क्षेत्रों में खरीफ़ फ़सलों के लिए रासायनिक खादों का सही वितरण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि राज्य के किसानों को खाद की किसी भी तरह की किल्लत का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि 60 प्रतिशत खाद हैफेड के माध्यम से पैक्स को भेजी जाएगी ,इसमें कोताही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि खाद की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

श्री राणा आज चंडीगढ़ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों के कृषि अधिकारियों के साथ खरीफ़ फ़सल के लिए खाद वितरण, ‘खेत बचाओ’ अभियान और प्राकृतिक खेती से जुड़े अहम मुद्दों पर संवाद कर रहे थे।

इस उच्च स्तरीय बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार और महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने जिलावार यूरिया, डीएपी तथा अन्य रासायनिक खादों की उपलब्धता की गहन समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय प्राइवेट डीलरों पर पैनी नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी खाद का दुरुपयोग न हो। इसके साथ ही, कुछ जिलों में खाद की निर्धारित मात्रा से अधिक खपत पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलबी भी की। किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों में स्थित प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) में खाद की समय पर आपूर्ति की जाए, ताकि किसानों को उनके घर के नजदीक ही आसानी से खाद मिल सके।

कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाने के उद्देश्य से श्री राणा ने कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज जमीन के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही खाद का वितरण किया जाना चाहिए, ताकि कोई भी गैर-किसान इस व्यवस्था का नाजायज फायदा न उठा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी प्राइवेट डीलर किसानों को खाद के साथ अन्य गैर-जरूरी सामान जबरन टैग करके बेचने की कोशिश न करे। इस तरह की मनमानी को रोकने के लिए उन्होंने कृषि विकास अधिकारियों को समय-समय पर औचक निरीक्षण और जांच करने के आदेश दिए।

इसके अलावा, श्री श्याम सिंह राणा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के विज़न के अनुरूप चलाए जा रहे ‘खेत बचाओ’ तथा ‘प्राकृतिक खेती’ अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे धरातल पर उतरकर किसानों को देसी गाय के गोबर से तैयार खाद और जीवामृत के फायदों के प्रति जागरूक करें। इस मुहिम के तहत आयोजित किए जा रहे किसान-शिविरों की चर्चा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को आगामी 30 जून तक निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करने की समय-सीमा तय की।

श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे किसानों को निरंतर प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करें, जिससे रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग को कम किया जा सके; क्योंकि इससे न केवल खाद्यान्न की गुणवत्ता शुद्ध होगी, बल्कि आम जनता को भी गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकेगा।

By Balwinder Singh

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