उत्तर प्रदेश के मेरठ में अवैध लिंग जांच (जेंडर टेस्ट) कराने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कई लोगों को हिरासत में लिया तथा अवैध अल्ट्रासाउंड नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और उपकरण बरामद किए। मामले में गुरुग्राम कनेक्शन सामने आने के बाद जांच का दायरा हरियाणा तक बढ़ा दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, गिरोह कथित तौर पर पीएनडीटी (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) कानून का उल्लंघन करते हुए भ्रूण का लिंग बताने का अवैध काम कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने गोपनीय जांच शुरू की और फिर छापेमारी कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोगों से संपर्क करता था और गुप्त तरीके से अल्ट्रासाउंड करवाकर भ्रूण का लिंग बताने का दावा करता था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसकी पहुंच किन शहरों तक है।
गुरुग्राम से जुड़े कुछ संदिग्ध संपर्क और मोबाइल नंबर भी जांच के दायरे में आए हैं। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से नेटवर्क की पूरी श्रृंखला खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि अन्य राज्यों में भी इसकी शाखाएं मिलीं तो संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि भ्रूण लिंग जांच कराना और कराना दोनों ही कानूनन अपराध हैं। सरकार बेटियों के संरक्षण और लिंगानुपात सुधारने के लिए सख्त कदम उठा रही है, इसलिए ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और जांच आगे बढ़ रही है।
