चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा बुलाया गया राज्यव्यापी बंद आज पंजाब में रखा जा रहा है। इस सात घंटे के विरोध प्रदर्शन के कारण कई स्थानों पर सड़क, रेल और व्यावसायिक गतिविधियों के प्रभावित होने की संभावना है।
यह बंद सुबह 7 बजे शुरू हुआ और दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से उन सिख कैदियों (बंदी सिंहों) की रिहाई की मांग को लेकर बुलाया गया है, जो मोर्चे के अनुसार अपनी सजा पूरी कर चुके हैं लेकिन फिर भी जेलों में बंद हैं।
एक अन्य प्रमुख मांग पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्याकांड के मामले में सजा काट रहे जगतार सिंह हवाड़ा को 10 दिन की पैरोल दिए जाने की है।
सड़क यातायात बाधित होने के आसार
प्रदर्शनकारियों ने जिला स्तरीय सड़कों के साथ-साथ राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों को भी अवरुद्ध करने की घोषणा की है। इस कदम से यात्रियों के प्रभावित होने की संभावना है और महत्वपूर्ण मार्गों पर रूट डायवर्जन व देरी हो सकती है।
सड़क जाम की योजना के कारण बसें, टैक्सियां और ऑटो-रिक्शा भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सार्वजनिक परिवहन को रोकने के लिए कोई पूर्ण आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रदर्शनों से सामान्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
रेल यात्रियों को भी इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मोर्चे ने घोषणा की है कि विरोध स्थलों पर रेलवे ट्रैक भी रोके जाएंगे, जिससे बंद के दौरान ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
बाजारों और संस्थानों से बंद रखने की अपील
बंद के आह्वान के तहत दुकानदारों, बाजारों, मॉल और थोक व्यापारिक केंद्रों से इस अवधि के दौरान अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई है।
चंडीगढ़ और मोहाली के कुछ शैक्षणिक संस्थानों ने पहले ही छुट्टी की घोषणा कर दी है, जबकि प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने स्कूलों से बंद का समर्थन करने की अपील की है।
एसजीपीसी (SGPC) द्वारा संचालित कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के भी बंद रहने की उम्मीद है।
हालांकि, पूरे राज्य में बैंकों या सरकारी कार्यालयों को बंद रखने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। फिर भी, जहां प्रदर्शनकारी इकट्ठा होंगे या सड़कें अवरुद्ध होंगी, उन क्षेत्रों में इनका कामकाज प्रभावित हो सकता है।
कई संगठनों का मिला समर्थन
इस बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), अकाली दल (वारिस पंजाब दे), दल खालसा और हवाड़ा कमेटी का समर्थन मिला है। विभिन्न पंथिक संगठनों और किसान-मजदूर संगठनों ने भी इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।
15 अगस्त के घटनाक्रम से जुड़ा विरोध
अपनी सजा पूरी कर चुके कैदियों के मुद्दे के अलावा, मोर्चा 15 अगस्त को चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध कर रहा है।
इसके साथ ही उस घटना के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की बिना शर्त रिहाई की भी मांग की गई है।
बंद की अवधि सात घंटे तक सीमित होने के कारण प्रशासन संवेदनशील स्थानों और प्रमुख मार्गों पर आवाजाही की निगरानी कर रहा है। व्यवस्था में व्यवधान का स्तर प्रदर्शन स्थलों की संख्या और पूरे राज्य में सड़क व रेलवे जाम के असर पर निर्भर करेगा।
