पंजाब (गुरप्रीत सिंह):पंजाब के मजीठा क्षेत्र में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) जोगा सिंह की हत्या के एक दिन बाद एक कम-जानी-पहचानी समूह ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा किया और सुरक्षा बलों तथा सरकारी कर्मियों के खिलाफ आगे हमलों की चेतावनी जारी की। दावे में खुद को “Tehreek‑e‑Taliban Hindustan (TTH)” बताने वाले समूह ने अपनी कथित इकाई “अल‑बुराक स्क्वाड” को हमला करने वाला बताया।
प्रशासन ने अभी तक उक्त दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है और घटना के पीछे के असली हाथों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई पहलुओं से मामला तफ्तीश किया जा रहा है और किसी भी संभावना को फिलहाल खारिज नहीं किया जा रहा है। एसएसपी सुहैल क़ासिम मीर ने बताया कि जांच टीमें सक्रिय हैं और क्षेत्र में व्यापक सर्च-ऑपरेशन व कम्पिंग जारी है।
घोषणा में समूह ने कहा कि उसकी कार्रवाईयां आगे भी जारी रहेंगी तथा पुलिस, सेना और खुफिया एजेंसियों को निशाना बनाया जाएगा। हालांकि सुरक्षा एजेंसियाँ इस ऑनलाइन पोस्ट को सतर्कता से देख रही हैं और जाँच कर रही हैं कि क्या यह दावों के सत्यापन के बिना फैलायी गयी अफवाह या मनोवैज्ञानिक अभियान नहीं है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस साल पहले भी इसी नाम के समूह ने गूरदासपुर के डोरांगला इलाके में दो पुलिस कर्मियों की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था; उस दावे की भी स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं हो पायी थी। ऐसे संदर्भों के कारण वर्तमान दावे की विश्वसनीयता का आकलन करने के लिए इंटेलिजेंस इनपुट्स की समीक्षा की जा रही है।
ASI जोगा सिंह की हत्या से राज्य में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है और सीमा क्षेत्रों में पहले से सतर्क बलों की सतर्कता और बढ़ा दी गयी है। फिलहाल पुलिस न सिर्फ़ जमीन पर तलाशी और जांच कर रही है बल्कि ऑनलाइन गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी तेज कर दी गयी है ताकि दावे के स्रोत और संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर यकीन न करें और किसी भी संदिग्ध सूचना की रिपोर्ट सीधे स्थानीय थाने या हेल्पलाइन पर दें। जांच आगे बढ़ने पर अधिकारियों की और सूचनाएँ साझा की जाएँगी।
