सांसद मनीष तिवारी ने PHDCI के 12वें इन-आउट एक्सपो का किया उद्घाटन

चंडीगढ़(नवल किशोर): चंडीगढ़ की आर्किटेक्चरल विरासत और टेक्नोलॉजी व इनोवेशन से प्रेरित भविष्य की संभावनाओं पर ज़ोर दिया
चंडीगढ़, 26 सितंबर। पीएचडी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित 12वें इन्स-आउट एक्सपो का उद्घाटन शनिवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 17 स्थित परेड ग्राउंड में सांसद मनीष तिवारी ने किया। 25 से 28 सितंबर तक चलने वाली इस चार दिवसीय प्रदर्शनी में आर्किटेक्चर, कंस्ट्रक्शन, रियल एस्टेट, इंटीरियर डिज़ाइन, टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन के क्षेत्र में हुए नवीनतम विकास को प्रदर्शित किया जा रहा है।
चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने मुख्य अतिथि के तौर पर उद्घाटन समारोह में भाग लेकर प्रदर्शनी का दौरा किया। उदघाटन सत्र में पीएचडीसीसीआई के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल नवीन सेठ ने शुरुआती संबोधन दिया, जबकि चंडीगढ़ चैप्टर के चेयरमैन रजनीश बंसल ने स्वागत भाषण दिया और 12वें इन्स-आउट एक्सपो के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी प्रमुख कंपनियों, आर्किटेक्ट्स, डिज़ाइनरों और इंडस्ट्री के पेशेवरों को एक मंच पर लाती है, जिससे इनोवेशन, सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान का अवसर मिलता है।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद मनीष तिवारी ने ‘द सिटी ब्यूटीफुल’ के रूप में चंडीगढ़ की वैश्विक पहचान को रेखांकित किया और इसे आधुनिक शहरी नियोजन और आर्किटेक्चर का एक बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि मशहूर आर्किटेक्ट ली कॉर्बुजिए द्वारा डिज़ाइन किया गया चंडीगढ़, आज़ाद भारत की प्रगति, आधुनिकता और नियोजित विकास की सोच को दर्शाता है।
तिवारी ने कहा कि चंडीगढ़ अपने रचनाकारों द्वारा परिकल्पित सुंदरता और डिज़ाइन के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए आर्किटेक्चर के क्षेत्र में लगातार विकसित होता रहेगा। चौथी औद्योगिक क्रांति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज क्रिएटिविटी तेज़ी से विकास, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और डिज़ाइन के नए तरीकों से आकार ले रही है। समारोह में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एच. एस. लक्की ने प्रदर्शनी आयोजित करने और हर साल नए विचार लाने के लिए पीएचडीसीसीआई के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चैंबर लगातार नए और अनोखे कॉन्सेप्ट लेकर आता है और एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म देता है जहाँ कई कंपनियाँ एक ही जगह पर अपने प्रोडक्ट और सर्विस दिखा सकती हैं।
उन्होंने सभी विजेताओं और हिस्सा लेने वालों को बधाई भी दी और कहा कि इस तरह की पहचान बेहतरीन योगदान का सम्मान करती है, अगली पीढ़ी को बढ़ावा देती है, विरासत को बचाने में मदद करती है और उत्कृष्टता के नए मानक बनाने में मदद करती है।
क्रिडई पंजाब के अध्यक्ष जगजीत सिंह माझा ने भारत में इस तरह की और प्रदर्शनियां आयोजित करने की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्लेटफ़ॉर्म इनोवेशन, नए विचारों और उभरती हुई टेक्नोलॉजी को दिखाने में मदद करते हैं।
उद्घाटन सत्र का समापन पीएचडीसीसीआई के चंडीगढ़ चैप्टर के को-चेयर सुव्रत खन्ना के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

By Gurpreet Singh

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