मंत्री का निर्देश: सैंपल लेकर जांच करें, गड़बड़ी मिलने पर दोषियों पर हो कार्रवाई

चंडीगढ़(बलविंदर सिंह): हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने “खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, हरियाणा” को निर्देश दिए हैं कि नवरात्रों के दौरान कुट्टू के आटे एवं व्रत के दौरान प्रयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण करें , सैंपल लें और गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाए।

स्वास्थ्य मंत्री ने आमजन से भी अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की बिक्री एवं सेवन से बचें।

आरती सिंह राव के निर्देशों का पालन करने की दिशा में कदम उठाते हुए “खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, हरियाणा” के आयुक्त डॉ मनोज कुमार ने फील्ड के अधिकारियों को कुट्टू के आटे एवं व्रत के दौरान प्रयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों पर पैनी नजर रखने को कहा है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, हरियाणा ने नवरात्रों और व्रत के सीजन के दौरान कुट्टू के आटे की बढ़ती मांग को देखते हुए आमजन और खाद्य कारोबारियों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कुट्टू के आटे के सुरक्षित भंडारण, गुणवत्ता और साफ-सफाई में लापरवाही बरतने पर यह असुरक्षित हो सकता है और इसके सेवन से फूड पॉइजनिंग या खाद्य विषाक्तता जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। पुराना, नमीयुक्त, फफूंद लगा हुआ या दूषित आटा खाने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, मितली और बुखार जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित मानकों के अनुसार, मोटे अनाजों की श्रेणी में आने वाले कुट्टू में नमी की अधिकतम मात्रा 13.0 प्रतिशत होनी चाहिए। इसके अलावा, बाहरी अवांछित पदार्थ द्रव्यमान के आधार पर अधिकतम 1.0 प्रतिशत (जिसमें खनिज पदार्थ अधिकतम 0.25 प्रतिशत और बाहीय मूल की अशुद्धियां अधिकतम 0.10 प्रतिशत शामिल हैं) तथा अन्य खाद्य अनाज अधिकतम 2.0 प्रतिशत तक ही मान्य हैं।

विभाग ने खाद्य कारोबारियों और दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल वैध “भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण” लाइसेंस या पंजीकरण वाले विश्वसनीय विक्रेताओं से ही कुट्टू का आटा खरीदें। खरीद के समय पैकिंग तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, बैच नंबर और पैकेट की स्थिति की जांच अवश्य की जानी चाहिए। आटे को हमेशा साफ, सूखे, हवादार और नमी रहित स्थान पर कीटों और रसायनों से दूर रखना चाहिए। पुराने, बासी, बदबूदार या फफूंदयुक्त आटे की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है।

आम जनता के लिए जारी विशेष अपील में कहा गया है कि हमेशा विश्वसनीय दुकानों से सीलबंद पैकेट को प्राथमिकता दें और पैकेट पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण लाइसेंस नंबर व अन्य विवरण जांच लें। आटे में किसी भी तरह की असामान्य गंध, रंग में बदलाव, गांठ या कीड़े दिखने पर उसका उपयोग बिल्कुल न करें। कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। यदि भोजन करने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें और स्वयं इलाज करने से बचें। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें ताकि खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके।

By Balwinder Singh

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