आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की राजनीति में एक बड़ा संकेत देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी भगवंत मान को ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर मैदान में उतारेगी। यह घोषणा उन्होंने बठिंडा में एक कार्यक्रम के दौरान की, जहां बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।
केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है और जनता के बीच सरकार को लेकर भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसी आधार पर पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
उन्होंने भगवंत मान की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह जनता से जुड़े नेता हैं और जमीनी स्तर पर काम करने में विश्वास रखते हैं। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब की जनता ने 2022 में बदलाव के लिए वोट दिया था और आने वाले समय में भी लोग काम के आधार पर ही फैसला करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि AAP सरकार का फोकस भ्रष्टाचार मुक्त शासन और जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करना है।
कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पुरानी राजनीतिक पार्टियों ने लंबे समय तक पंजाब में शासन किया, लेकिन लोगों की बुनियादी समस्याओं को पूरी तरह हल नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों की राजनीति केवल सत्ता और परिवारवाद तक सीमित रही, जबकि आम आदमी पार्टी ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया और कहा कि उनकी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब को एक ईमानदार और पारदर्शी प्रशासन देने का प्रयास लगातार जारी है। मान ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाएं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केजरीवाल की यह घोषणा अभी से 2027 के चुनावी माहौल को गर्म कर सकती है। इससे AAP कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा, जबकि विपक्षी दलों को भी अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। हालांकि चुनाव अभी काफी दूर हैं, लेकिन इस तरह की घोषणा से स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी ने अभी से अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं।
पंजाब की राजनीति में यह बयान आने वाले समय में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहेगा, क्योंकि यह सीधे तौर पर राज्य के नेतृत्व और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर स्पष्ट संदेश देता है।
