हरियाणा के पंचकूला में 12वीं कक्षा के एक छात्र से मारपीट और उसके परिवार को धमकी देने का मामला सामने आया है। छात्र के पिता की शिकायत पर चंडीमंदिर थाना पुलिस ने सरकारी स्कूल की शिक्षिका और उसके भाई के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपों में छात्र से मारपीट, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और परिवार को धमकी देने की बात शामिल है। पुलिस ने मामले में BNS और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
शिकायत के अनुसार, घटना 17 सितंबर की है। जलौली के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं के छात्र गुरदीप का आरोप है कि कक्षा में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर शिक्षिका बबली वर्मा से उसका विवाद हुआ। इसके बाद शिक्षिका ने कथित तौर पर छात्र के साथ मारपीट की। छात्र के परिजनों के मुताबिक, अन्य विद्यार्थियों ने भी उन्हें बताया कि विवाद के दौरान छात्र की गलती नहीं थी।
मामले की जानकारी मिलने के बाद परिवार ने स्कूल की प्रिंसिपल और स्टाफ के सामने शिकायत रखी। प्रिंसिपल की ओर से भी बताया गया कि संबंधित शिक्षिका के खिलाफ पहले कई शिकायतें मिल चुकी हैं। हालांकि, इन शिकायतों की प्रकृति और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी पुलिस की मौजूदा रिपोर्ट में विस्तार से नहीं दी गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद छात्र के पिता कर्म सिंह को स्कूल बुलाया गया। वहां भी शिक्षिका के साथ विवाद हुआ और कथित तौर पर उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पिता के अनुसार, 18 सितंबर की रात करीब 11:38 बजे उनके मोबाइल पर अरविंद वर्मा नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को शिक्षिका का भाई बताते हुए कथित तौर पर गाली-गलौज की और परिवार तथा बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने इस बातचीत को भी मामले में शामिल किया है।
पुलिस के मुताबिक, जांच में शामिल होने के लिए शिक्षिका और उनके भाई को 22 और 30 सितंबर को व्हाट्सऐप के जरिए नोटिस भेजे गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों जांच में शामिल नहीं हुए। इसके बाद चंडीमंदिर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया।
मामले में पुलिस अब छात्र से मारपीट, कथित जातिसूचक टिप्पणी और फोन पर दी गई धमकी से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना के समय स्कूल में मौजूद अन्य छात्रों और स्टाफ के बयान क्या हैं। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और आगे की कार्रवाई पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
