अमृतसर में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के गोल्डन टेंपल दौरे के दौरान शिरोमणि अकाली दल अमृतसर ने सिख अधिकारों और पंजाब से जुड़े कई मुद्दे उठाए। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष ईमान सिंह मान ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सामने सात सूत्रीय मांगपत्र रखने की बात कही। इसमें सिखों की धार्मिक आजादी, सुरक्षा, पंजाब की स्थिति और भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
ईमान सिंह मान के मुताबिक, पार्टी ने अमेरिकी पक्ष के सामने पंजाब और भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में भारत-पाकिस्तान तनाव का असर पड़ता है। पार्टी की ओर से दोनों देशों के बीच संवाद और जल सहयोग बहाल करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा भारत-पाकिस्तान सीमा को कानूनी व्यापार, यात्रा और धार्मिक यात्राओं के लिए खोलने का मुद्दा उठाया गया।
मांगपत्र में तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत पाइपलाइन यानी TAPI से जुड़े मुद्दे को भी शामिल किए जाने की बात सामने आई है। मान ने कहा कि सीमा पर वैध व्यापार और आवाजाही बढ़ने से पंजाब की अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है। उन्होंने सीमापार नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया।
शिअद अमृतसर ने SGPC चुनाव, धार्मिक स्वतंत्रता और सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा से जुड़े मुद्दे भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सामने उठाने की बात कही। मान ने सिख समुदाय के आत्मनिर्णय से जुड़े अपने दल के रुख का भी उल्लेख किया। इन मांगों को पार्टी की ओर से अमेरिकी पक्ष के सामने रखे गए मुद्दों के तौर पर बताया गया है।
इस बीच अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। उनके साथ 28 सदस्यीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी था, जिसमें अमेरिकी दूतावास के अधिकारी, शिक्षाविद और अमेरिकी सरकार से जुड़े अधिकारी शामिल थे। गोर ने SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और कार्यकारी अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज से भी मुलाकात की। बैठक में अमेरिका में रह रहे सिखों और पंजाबी समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के एक पोस्टर में ‘Singh’ शब्द के कथित अपमानजनक इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, SGPC की आपत्ति के बाद वह पोस्टर हटा दिया गया था। उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की मांग की। अमेरिका में पंजाबी प्रवासियों और आव्रजन कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
अमेरिकी राजदूत के दौरे को देखते हुए अमृतसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस के मुताबिक, करीब 150 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। गोर ने गोल्डन टेंपल के अलावा जलियांवाला बाग और पार्टिशन म्यूजियम का भी दौरा किया।
गौरतलब है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले अमृतसर में कुछ जगहों पर अलगाववादी नारे लिखे जाने के मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस ने दावा किया था कि दोनों को गुरपतवंत सिंह पन्नू से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर नारे लिखने के लिए पैसे दिए थे। इस मामले की जांच अलग से चल रही है।
