पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) के बकाए मामले पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान नए चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने कहा कि यह अदालत कानून के शासन के अनुसार चलेगी। किसी भी तरह की रणनीति से इस संस्था को दबाव में नहीं लाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह कानून के अनुसार चलेंगे। हमने संविधान की शपथ ली है और हमें पता है कि इसकी रक्षा कैसे करनी है।
कर्मचारियों ने 2 सितंबर नई याचिका दायर कर आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद पंजाब सरकार ने अभी तक डीए का बकाया जारी नहीं किया है। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि सरकार ने अदालत के निर्देशों के अनुसार अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की।
हालांकि, 3 दिन पहले सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती 85 हजार कर्मचारियों को 60 फीसदी DA देने का ऐलान किया था।

पंजाब के सीएम भगवंत मान।- फाइल फोटो
पंजाब के DA विवाद में अब तक क्या क्या हुआ…
- DA की किस्तें लंबित: पंजाब के सरकारी कर्मचारी और पेंशनर लंबे समय से बकाया DA की किस्तें जारी करने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वह लगातार प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
- हाईकोर्ट में मामला पहुंचा: इसको लेकर कर्मचारी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे। 8 अप्रैल को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सरकार को 30 जून तक कर्मचारियों और पेंशनरों का लंबित DA जारी करने के निर्देश दिए।
- पंजाब सरकार ने चुनौती दी: सरकार ने इस आदेश के खिलाफ LPA दायर की और कहा कि सिंगल बेंच को ऐसा आदेश देने का अधिकार नहीं था।
- 3 अगस्त 2026 का हाईकोर्ट फैसला: कार्यवाहक चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने सरकार की अपीलें खारिज करते हुए DA की लंबित किस्तें जारी करने का आदेश बरकरार रखा।
- दो हफ्ते में भुगतान का आदेश: कोर्ट ने पंजाब सरकार और PSPCL को कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित DA किस्तें जारी करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि बकाया भुगतान होने तक पंजाब सरकार प्रिंट और सोशल मीडिया में बड़े पैमाने पर विज्ञापन जैसे गैर-उत्पादक खर्च न करे।
- सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया: 1 सितंबर पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन SLP में 9 तकनीकी खामियां बताई गई हैं, जिन्हें ठीक करना बाकी है।
- अलग से 85 हजार कर्मचारियों का DA: पंजाब सरकार ने जुलाई 2020 के बाद भर्ती करीब 85 हजार कर्मचारियों का DA 42% से बढ़ाकर 60% करने का प्रस्ताव रखा है। इस पर अंतिम मंजूरी CM भगवंत मान की बाकी है।
