हरियाणा के गुरुग्राम में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक फर्जी वीडियो मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया, जिससे लोगों में भ्रम फैलने की आशंका थी। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर और स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो की सत्यता की पड़ताल की और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में दो व्यक्तियों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स और मोबाइल डेटा की भी जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर झूठी या भ्रामक सामग्री साझा करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो किसने तैयार किया, उसे सबसे पहले किस प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया और उसके पीछे क्या मकसद था।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो, फोटो या संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। अधिकारियों ने कहा कि अफवाह फैलाने या फर्जी सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे और खुलासे हो सकते हैं।
