पंजाब के लुधियाना जिले के दोराहा में एक गुरुद्वारे के बाहर लगाए गए मुख्यमंत्री भगवंत मान के होर्डिंग हटाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल ने सरकार पर निशाना साधते हुए धार्मिक स्थलों को राजनीतिक प्रचार से दूर रखने की मांग की है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अकाल तख्त से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य की राजनीति पहले से ही गर्म है।
जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे के बाहर लगे मुख्यमंत्री के होर्डिंग हटाने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक बहस तेज हो गई। अकाली दल के नेताओं ने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए और इस तरह की गतिविधियां धार्मिक मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। उनका दावा है कि सरकार धार्मिक संस्थाओं का सम्मान करती है और किसी भी धार्मिक स्थल की मर्यादा से समझौता नहीं किया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद दोराहा और आसपास के क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रशासन ने फिलहाल शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।
