चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह):भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप तथा टीबी मुक्त भारत अभियान – 100 दिवसीय अभियान… “गांव-गांव, शहर-शहर” के अंतर्गत, चंडीगढ़ में विभिन्न समेकित (कंजिग्रेट) स्थलों पर आयुष्मान आरोग्य शिविरों की श्रृंखला का सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से अभियान के जन-जागरूकता संदेश “YES! We Can End TB. Led by Bharat. Powered by Janbhagidari.” को सशक्त रूप से आगे बढ़ाया गया।
यह पहल 10/04/2026 से 04/05/2026 के दौरान वृद्धाश्रमों, नारी निकेतन, स्नेहालयों तथा GRIID जैसी संस्थाओं में रह रहे संवेदनशील एवं उच्च जोखिम वाले समूहों को कवर करने पर केंद्रित रही। इन शिविरों का उद्देश्य क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसके शीघ्र पहचान को सुनिश्चित करना था।
शिविरों के दौरान प्रतिभागियों को टीबी के लक्षणों, इसके प्रसार के तरीकों तथा भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क जांच एवं उपचार सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, सामाजिक कलंक को कम करने और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्नत तकनीकी साधनों का उपयोग करते हुए, पोर्टेबल डिजिटल चेस्ट एक्स-रे यूनिट के माध्यम से स्थल पर ही स्क्रीनिंग की गई, जिससे संभावित टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान संभव हो सकी। स्क्रीनिंग के दौरान चिन्हित व्यक्तियों की आगे जांच कार्ट्रिज-आधारित न्यूक्लिक एसिड एम्प्लीफिकेशन टेस्ट (CBNAAT) तकनीक द्वारा की गई, जिससे उच्च सटीकता के साथ रोग की शीघ्र पुष्टि सुनिश्चित हुई। इस समेकित निदान प्रणाली के माध्यम से मरीजों को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत त्वरित उपचार सेवाओं से जोड़ा गया।
स्क्रीनिंग की प्रमुख उपलब्धियां:
- कुल चेस्ट एक्स-रे: 789
- कुल CBNAAT जांच: 86
ये सतत प्रयास चंडीगढ़ की टीबी उन्मूलन के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसमें शीघ्र पहचान, निःशुल्क जांच एवं उपचार की सार्वभौमिक पहुंच तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी (जनभागीदारी) को सुदृढ़ किया जा रहा है। यह अभियान देश के टीबी उन्मूलन लक्ष्य को प्राप्त करने तथा जन स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
