चंडीगढ़/मोहाली/पंचकुला(गुरप्रीत सिंह): ऐप‑आधारित कैब प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों के विरोध के कारण अगले कई दिनों तक ट्राइसिटी के निवासियों को यातायात परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ओला, उबर और InDrive से जुड़े ड्राइवर सेक्टर‑25 रैली ग्राउंड में एकत्र हुए और उन्होंने घोषणा की कि वे 16 जून तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक राइड ऑपरेशन निलंबित रखेंगे।
ड्राइवरों का आरोप है कि चंडीगढ़ प्रशासन ने महीनों पहले अधिसूचित Aggregator Policy 2025 को लागू नहीं किया, जिससे ड्राइवरों की भलाई, यात्री सुरक्षा और किराया पारदर्शिता से जुड़े मसले अनसुलझे बने हुए हैं। यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि अधिकारियों के साथ लगातार बैठकों के बावजूद ठोस परिणाम नहीं निकला, इसलिए agitation तेज की जा रही है।
प्रमुख मांगों में किराये की दरों में वृद्धि शामिल है। ड्राइवर बताते हैं कि ईंधन, CNG, वाहन रख‑रखाव, इंश्योरेंस और लोन किस्तों के बढ़ते खर्च के कारण वर्तमान कमाई पर्याप्त नहीं रह गई है। वे प्रति‑किलोमीटर दर बढ़ाने और प्लेटफॉर्म कमिशन घटाने की माँग कर रहे हैं। यूनियनों ने निजी वाहनों और बाइक‑टैक्सियों के वाणिज्यिक उपयोग के बिना पर्मिट के आरोप से भी अनुचित प्रतिस्पर्धा का हवाला दिया।
प्रदर्शन के दौरान ऐप‑बेस्ड कैब उपलब्धता कम होने से यात्री अब सीटीयू बसों और ऑटो‑रिक्शा पर निर्भर हो रहे हैं। खासकर अस्पताल, रेलवे स्टेशन और प्रमुख बस टर्मिनलों की कड़ियाँ व्यस्त देखी जा रही हैं। कुछ यात्रियों ने ऑटो चालकों द्वारा संभावित ओवरचार्जिंग की चिंता भी जताई है, जो बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिन में मेडिकल यात्रियों को विशेष रूप से प्रभावित कर सकती है।
अधिकारियों ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अपनी यात्रा पहले से योजना बनाकर सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। वहीं ड्राइवर यूनियनों और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच बातचीत करार से पहले स्थिति को सुलझाने की उम्मीद बनी हुई है।
