अमृतसर(गुरप्रीत सिंह): भारत-पाक सीमा के पास पंजाब के अमृतसर जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सीमा पार से लाई जा रही सुनियोजित हथियार खेप को जब्त करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में उन्नत शस्त्र और गोलाबारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ। एक युवक को भी फ़रार कर पकड़ लिया गया, जिससे अधिकारियों का मानना है कि एक बड़े अवैध आयुध आपूर्ति श्रृंखला को ठप कर दिया गया है।
यह कार्रवाई उस समय आरम्भ की गई जब खुफिया एजेंसियों को सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में लाई जा रही हथियार खेप के बारे में सटीक सूचना मिली। बीएसएफ की टीमों ने तुरंत निगरानी पोस्ट स्थापित किए और अजनाला-रामदास सेक्टर में रणनीतिक मार्गों पर जांच तेज कर दी।
रात के समय सुरक्षा कर्मियों ने हरर खुर्द गांव के पास एक हुंडई i20 को रोका। पूछताछ में ड्राइवर की बातें असंगत पाईं गईं, जिस पर शक बढ़ा। वाहन की विस्तृत तलाशी में कई बैग मिले जिनमें बड़ी मात्रा में आग्नेयास्त्र और गोलाबारूद पाया गया।
अधिकारियों ने पकड़े गए आरोपी की पहचान अमृतसर के 22 वर्षीय रोहन कोसला के रूप में की है। प्रारम्भिक जांच से संकेत मिलते हैं कि वह खेप को इकट्ठा कर किसी अन्य गंतव्य तक पहुँचाने के लिए वहां आया था और तभी उसे गिरफ्तार किया गया।
बरामद वस्तुओं में कई देशों निर्मित 25 विदेशी पिस्टलें, एक AK-47 राइफल, दर्जनों मैगज़ीन, एक बुलेटप्रूफ़ जैकेट और सैकड़ों राउंड गोलाबारूद शामिल थे। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह हाल के महीनों में क्षेत्र में हुई सबसे महत्वपूर्ण बरामदियों में से एक है।
जांचकर्ताओं का संदेह है कि ये हथियार अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार से ड्रोन गिराने के माध्यम से पहुंचाए गए थे। बरामद सामान के प्रारम्भिक परीक्षण में हवाई तरीके से डिलीवरी के लक्षण मिले हैं, जिनमें पैकेजिंग की क्षति और लैंडिंग के प्रभाव को कम करने के लिए उपयोग की गई सुरक्षात्मक कुशनिंग शामिल है।
जब्ती के बाद आरोपी, वाहन और बरामद हथियारों को आगे की जाँच के लिए अमृतसर में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) के हवाले कर दिया गया है। अधिकारी अब इस खेप के और संगठित अपराध सिंडिकेट्स तथा पंजाब में सक्रिय सीमा पार तस्करी नेटवर्क से संभावित संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियाँ अब भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन हथियारों के इच्छित प्राप्तकर्ता कौन थे और दोनों पक्षों पर इस ऑपरेशन का समन्वय करने वाले लोग कौन हैं। अधिकारियों ने कहा कि जाँच जारी है और सूचना के विकसित होने पर और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
इस सफल रोकथाम ने ड्रोन-सहायित तस्करी से उपजे बढ़ते खतरे की चुनौती को उजागर किया है और सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा बढ़ाई गई सतर्कता को भी रेखांकित किया है।
