पंजाब (गुरप्रीत सिंह): पंजाब के बठिंडा में रविवार को उस समय राजनीतिक तनाव बढ़ गया, जब भाजपा और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे। यह विरोध हाल ही में ईडी द्वारा कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी को लेकर हुआ।
दोनों दलों के समर्थक मित्तल मॉल के पास स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर जुटे और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते माहौल गरम हो गया, जिसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। किसी भी टकराव को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने दोनों गुटों के बीच मानव दीवार बनाकर स्थिति को संभाला।
पुलिस रही सतर्क
मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें एसपी सिटी नरेंद्र सिंह के साथ डीएसपी अमृतपाल सिंह भाटी और अरुण मुंदन शामिल थे। पूरे इलाके में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई, ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मांग की कि संजीव अरोड़ा के साथ-साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान भी नैतिक आधार पर इस्तीफा दें। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ईडी की कार्रवाई के बाद राज्य सरकार को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है।
भाजपा ने लगाए आरोप
भाजपा के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक सरूप चंद सिंगला ने किया। उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आप सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता के आरोप लगाए।
आप ने केंद्र पर साधा निशाना
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के विरोध का जवाब देते हुए केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। आप समर्थकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और कहा कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रदर्शन में आप के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल रहे। इनमें विधायक जगरूप सिंह गिल, बलकार सिद्धू, जगसीर सिंह और सुखवीर सिंह मैसरखाना के नाम प्रमुख रहे। इनके साथ पार्टी के पदाधिकारी और स्थानीय नेता भी मौजूद थे।
पूरे दिन रहा पुलिस पहरा
तनाव को देखते हुए भाजपा कार्यालय के आसपास पूरे दिन भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर रखी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
आप की ओर से पंजाब के अलग-अलग भाजपा कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। बठिंडा में हुआ यह प्रदर्शन उसी राज्यव्यापी विरोध का हिस्सा बताया जा रहा है।
