चंडीगढ़(गुरप्रीत सिंह):ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन ने सिविल डिफेन्स वॉलंटियर्स (CDVs) के दूसरे बैच के नामांकन अभियान की घोषणा की है। यह पहल केंद्र शासित प्रदेश में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तथा आपदा प्रबंधन क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वर्ष 2025 में सिविल डिफेन्स वॉलंटियर्स के प्रथम बैच का गठन किया गया था, जिसमें कुल 419 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया। इन स्वयंसेवकों ने महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान (MGSIPA), चंडीगढ़ में 7 दिवसीय सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया। प्रशिक्षण में प्रायोगिक सत्र, शारीरिक दक्षता परीक्षण, लिखित परीक्षाएं तथा मॉक ड्रिल शामिल थीं।
प्रशिक्षण फायर विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) तथा पश्चिमी कमान, भारतीय सेना के विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्रों में आपदा प्रतिक्रिया, प्राथमिक उपचार, बचाव कार्य, निकासी प्रक्रियाएं, यातायात प्रबंधन, संकट संचार तथा अग्निशमन के मूलभूत उपाय शामिल रहे। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर स्वयंसेवकों को सिविल डिफेन्स वर्दी एवं बेरेट प्रदान किए गए।
सिविल डिफेन्स की संगठनात्मक संरचना में चीफ वार्डन, डिप्टी चीफ वार्डन, डिविजनल वार्डन, डिप्टी डिविजनल वार्डन, पोस्ट वार्डन, डिप्टी पोस्ट वार्डन तथा सेक्टर वार्डन शामिल हैं।
सिविल डिफेन्स वॉलंटियर्स के दूसरे बैच के लिए नामांकन अभियान 8 मई 2026 को दोपहर 12:00 बजे से महिला भवन, सेक्टर 38-सी, चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर माननीय प्रशासक, यू.टी. चंडीगढ़, श्री गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन एवं सिविल डिफेन्स की उपलब्धियों पर आधारित एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया जाएगा तथा दूसरे बैच के स्वयंसेवकों का औपचारिक नामांकन किया जाएगा।
नामांकन हेतु अभ्यर्थी भारतीय नागरिक होना चाहिए, जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो तथा जो शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ हो और निर्धारित प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए इच्छुक हो।
चंडीगढ़ प्रशासन ने नागरिकों से इस पहल में सक्रिय भागीदारी करने तथा सार्वजनिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने में योगदान देने का आह्वान किया है।
