लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में नशे की हालत में सड़क पर गिरे एक युवक का वीडियो सामने आने के बाद नशे की समस्या को लेकर बहस छिड़ गई है। शिरोमणि अकाली दल के पार्षद चतरवीर सिंह ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए पंजाब सरकार के नशा विरोधी अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने वीडियो के जरिए राज्य में नशे की स्थिति और सरकार के दावों को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
वीडियो में एक युवक सड़क पर गिरा हुआ दिखाई देता है। पार्षद ने इस घटना को नशे की समस्या से जोड़ते हुए कहा कि सरकार की ओर से नशे के खिलाफ कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं चिंता पैदा करती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नशे के खिलाफ अभियान प्रभावी ढंग से चल रहा है, तो इस तरह के दृश्य सामने क्यों आ रहे हैं।
पार्षद द्वारा वीडियो साझा किए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। नशे की समस्या पंजाब में लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय रही है। विपक्षी दल अक्सर इस मुद्दे पर सरकार को घेरते रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और नशे से प्रभावित लोगों के उपचार के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
लुधियाना पुलिस ने हाल के दिनों में नशे के कारोबार पर कार्रवाई के लिए कई क्षेत्रों में तलाशी अभियान भी चलाए हैं। पुलिस के मुताबिक, 11 अक्टूबर को शहर के 15 चिह्नित नशा प्रभावित क्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया और विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ बरामद किए गए। पुलिस ने नशे की तस्करी पर रोक लगाने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को नशा मुक्ति उपचार से जोड़ने की बात भी कही है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो के आधार पर युवक के नशे के प्रकार, उसकी पहचान और घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि युवक को किसी चिकित्सकीय सहायता की जरूरत पड़ी या नहीं।
नशे की समस्या से निपटने के लिए तस्करी पर कार्रवाई के साथ-साथ नशे से प्रभावित लोगों की पहचान, इलाज और पुनर्वास भी महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल पार्षद ने वीडियो के जरिए सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं, जबकि इस विशेष घटना के संबंध में संबंधित विभागों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है।
