कुरुक्षेत्र। हरियाणा के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राज्य स्तरीय हीरक जयंती समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। हरियाणा के गठन के छह दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में हरियाणा की 60 वर्षों की यात्रा पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें वर्ष 1966 में राज्य गठन के बाद से कृषि, हरित क्रांति, खेल, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में हुई प्रगति को दर्शाया गया। प्रदर्शनी में तस्वीरों, मॉडलों और डिजिटल माध्यमों के जरिए हरियाणा के विकास के विभिन्न पड़ाव प्रस्तुत किए गए। साथ ही विकसित हरियाणा के लक्ष्य को लेकर तैयार किए गए ‘हरियाणा विजन 2047’ की झलक भी दिखाई गई।
समारोह में समाज के अलग-अलग वर्गों से करीब दो हजार लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई। इनमें युवा, महिलाएं, जनप्रतिनिधि, किसान, सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, खिलाड़ी, उद्यमी, कलाकार और स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य की छह दशक की उपलब्धियों को सामने लाने के साथ भविष्य की विकास योजनाओं पर भी ध्यान केंद्रित करना रहा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने कुरुक्षेत्र प्रवास के दौरान श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर भी पहुंचीं, जहां उन्होंने परिवार के साथ पूजा-अर्चना की। इसके अलावा वे गुरुकुल कुरुक्षेत्र में स्वतंत्रता सेनानी स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में भी शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति की मौजूदगी को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। कुरुक्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया था और वीवीआईपी मार्गों पर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया गया। शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर भी निर्धारित समय तक रोक लगाई गई, ताकि राष्ट्रपति के कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।
गौरतलब है कि हरियाणा का गठन 1 नवंबर 1966 को हुआ था। इस वर्ष राज्य अपने गठन के 60 वर्ष पूरे कर रहा है। हीरक जयंती समारोह इसी ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित किया गया।
