संगरूर में CM भगवंत मान की लोक मिलनी, लोगों से किया सीधा संवाद

बल्लरां(गुरप्रीत सिंह):अपनी राजनीति को निजी हितों के बजाय ईमानदारी और जनसेवा पर आधारित बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के कारण उन्हें भाजपा की ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पारंपरिक विपक्षी दल राज्य को लूटने के लिए सत्ता हासिल करना चाहते हैं। संगरूर जिले के गांव बल्लरां में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना रिश्वत या सिफारिश के 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर, मावां-धियां सत्कार योजना के तहत भुगतान शुरू करके और बल्लरां तथा पड़ोसी गांव लहल खुर्द में विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपये जारी करके बदले की राजनीति को समाप्त कर रही है। उन्होंने कहा, “मेरा हिस्सा बसों, रेत या ठेकों में नहीं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के सुख-दुख में है। लोगों का विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत है।”

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गांव बल्लरां (लहरागागा) में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान माताओं और बहनों ने जो अपार प्यार दिया, वह इस बात का प्रतीक है कि सच्चाई का सूरज कभी नहीं डूबता। बल्लरां के लोगों के साथ मेरा रिश्ता 2012 से है और उन्होंने हमेशा मुझे मेरी उम्मीद से भी अधिक प्यार दिया है। पारंपरिक पार्टियों की तरह हम बदले की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। हमारा लक्ष्य आपके बेटों और बेटियों को पढ़ाना तथा उन्हें ऊंचे पदों तक पहुंचाना है। हमने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। माताओं और बहनों के बैंक खातों में सम्मान राशि जमा करने का काम भी शुरू हो चुका है।

उन्होंने आगे कहा कि गांवों में विकास कार्यों को रुकने नहीं दिया जाएगा। इसी दिशा में बल्लरां के लिए 35 लाख रुपये और पड़ोसी गांव लहल खुर्द के लिए 25 लाख रुपये, यानी कुल 60 लाख रुपये की विकास ग्रांट के चेक आज सौंपे गए। आपका प्यार और आशीर्वाद ही मेरी असली ताकत है और इस ताकत को कोई नहीं हरा सकता। इंकलाब जिंदाबाद।”

‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरी ईमानदारी मेरी सबसे बड़ी दौलत है और तीन करोड़ पंजाबियों का प्यार तथा विश्वास मेरी असली ताकत है। मेरा हिस्सा बसों, रेत, ठेकों या सड़कों के किनारे लगने वाली रेहड़ियों में नहीं है। मेरा हिस्सा पंजाब के लोगों के सुख-दुख में है। उनकी उम्मीदें मेरी जिम्मेदारी हैं और उनका संघर्ष मेरा अपना संघर्ष है। मैं लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आया हूं और जनसेवा हमेशा मेरी सरकार का मार्गदर्शक बनी रहेगी।”

केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ रहा हूं और इसी कारण भाजपा ने ईडी तथा सीबीआई को मेरे पीछे लगा दिया है। जो लोग पंजाब के लिए आवाज उठाते हैं और राज्य के हितों से समझौता करने से इनकार करते हैं, उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन मैं निजी आराम के लिए कभी भी पंजाब के अधिकारों और यहां के लोगों के सम्मान से समझौता नहीं करूंगा।”

उन्होंने कहा कि विपक्षी दल पंजाब की सेवा करने के बजाय राज्य के संसाधनों पर दोबारा कब्जा करने और उन्हें अपने हितों के लिए इस्तेमाल करने के उद्देश्य से सत्ता हासिल करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “निजी हितों वाली राजनीति के कारण पंजाब पहले ही बहुत कुछ झेल चुका है। लोगों को ईमानदार नेतृत्व, अपने बच्चों के लिए अवसर और ऐसी ईमानदार सरकार चाहिए, जो मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी रहे। हमारी सरकार कुछ खास लोगों की सेवा करने के बजाय लोगों की इन उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

बिना रिश्वत और सिफारिश के 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां देने का दावा

पारदर्शी भर्ती के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में पहली बार युवाओं को बिना रिश्वत या राजनीतिक सिफारिश के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं।

उन्होंने कहा, “पीढ़ियों से युवाओं को यह विश्वास दिलाया जाता रहा है कि सरकारी नौकरी पाने के लिए पैसे, प्रभाव या राजनीतिक पहुंच की जरूरत होती है। हम इस मानसिकता को बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी योग्य युवा को नौकरी पाने के लिए किसी नेता के पास जाने या रिश्वत देने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं का भविष्य पैसे या राजनीतिक प्रभाव के बजाय उनकी योग्यता से तय हो। उन्होंने कहा, “मैं लोगों का विश्वास मांगता हूं, क्योंकि मैं उनकी सेवा करना चाहता हूं। मेरी ताकत पंजाब के लोगों से आती है, न कि सत्ता के पदों से। जब तक वे मेरा समर्थन करते रहेंगे, मैं उनके अधिकारों, सम्मान और अगली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए लड़ता रहूंगा।”

जनता की भलाई पर खर्च किया जा रहा करदाताओं का पैसा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि करदाताओं से एकत्र किया गया प्रत्येक रुपया लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “लोगों का पैसा जनता का है और इसे विकास, बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों तथा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से उन्हीं को लौटाया जा रहा है। पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को खेती के कामों में सुविधा देने के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने परिवारों पर वित्तीय बोझ कम करने और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें मुफ्त बिजली, 70,000 से अधिक युवाओं को रोजगार, सड़कों में सुधार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं तथा टोल प्लाजा बंद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा बंद होने से यात्रियों को प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।

उन्होंने कहा, “जनता के पैसे का इस्तेमाल जनहित में होना चाहिए। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि विकास का लाभ आम परिवारों तक पहुंचे, न कि केवल कुछ खास लोगों तक सीमित रहे।”

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

राज्य की स्वास्थ्य संबंधी पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण पंजाब का कोई भी परिवार जरूरी चिकित्सा उपचार से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि इस पहल से परिवारों पर स्वास्थ्य सेवाओं का वित्तीय बोझ कम होगा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं तक उनकी पहुंच बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य राज्य के सभी निवासियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना है।

मावां-धियां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि मावां-धियां सत्कार योजना महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं को सामान्य वर्ग की लाभार्थियों के लिए 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये की मासिक सहायता दी जा रही है। इस राशि को 1 जुलाई से सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को मजबूत करना और उनकी जरूरतों को पूरा करने में उन्हें अधिक सहयोग देना है।

शिक्षा को बताया सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नींव

शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नींव बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केवल मुफ्त सुविधाएं और रियायती कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक समस्याओं को समाप्त नहीं कर सकते। शिक्षा वह कुंजी है, जो लोगों को गरीबी के चक्र से बाहर निकलने, जीवन स्तर सुधारने और अपने बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल ऑफ एमिनेंस और शैक्षणिक स्तर सुधारने से जुड़ी पहलों के माध्यम से सरकारी स्कूलों में सुधार को प्राथमिकता दी है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई। उन्होंने इसे 11 गुना से अधिक की वृद्धि बताते हुए कहा कि यह शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आम परिवारों के बच्चों के लिए अवसर बढ़ाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और उन्हें अपनी आकांक्षाएं पूरी करने का अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।

1,587 गांवों तक पहुंचा नहरी पानी, सिंचाई क्षेत्र में बढ़ोतरी का दावा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने नहरी सिंचाई का विस्तार करने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए व्यापक काम किया है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार नहरी पानी उन 1,587 गांवों के खेतों तक पहुंचा है, जहां पहले कभी नहरी पानी नहीं पहुंचा था। हमारी सरकार ने नहरी सिंचाई का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने के लिए 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं कि हर खेत तक पानी पहुंचे।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार के सत्ता संभालने के बाद नहरी सिंचाई के तहत आने वाला क्षेत्र 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में लगभग 20.89 लाख एकड़ क्षेत्र को नहरी पानी मिलता था, जबकि अब यह क्षेत्र बढ़कर 60.30 लाख एकड़ हो गया है।

उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में संपर्क व्यवस्था बेहतर बनाने और लोगों की सुविधा के लिए लगभग 45,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और उन्नयन किया जा रहा है।

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए 3,100 स्टेडियम विकसित करने की योजना

युवाओं को नशे से दूर रखने में खेलों की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार पंजाब में 3,100 स्टेडियम विकसित करने के लिए काम कर रही है। इस पहल से युवाओं को खेलों की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, शारीरिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ेगी और गांवों में खेल प्रतिभाओं को निखारने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास सरकार की प्राथमिकता बना हुआ है। यह सुनिश्चित करने के लिए अनुदान जारी किए जा रहे हैं कि जरूरी विकास कार्य बिना किसी रुकावट के चलते रहें।

बल्लरां और लहल खुर्द के विकास के लिए 60 लाख रुपये की ग्रांट

बल्लरां के लोगों के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “बल्लरां के लोगों के साथ मेरा रिश्ता वर्ष 2012 से है। उन्होंने हमेशा मुझे उम्मीद से अधिक प्यार और सम्मान दिया है। लोगों का अपार प्यार और आशीर्वाद, खासकर ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में शामिल हुई माताओं और बहनों का स्नेह, ईमानदारी से उनकी सेवा जारी रखने के मेरे संकल्प को और मजबूत करता है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों में विकास कार्यों को रुकने नहीं देगी। इसी क्रम में बल्लरां के लिए 35 लाख रुपये और पड़ोसी गांव लहल खुर्द के लिए 25 लाख रुपये की विकास ग्रांट देने की घोषणा की गई। इस तरह दोनों गांवों के लिए कुल 60 लाख रुपये आवंटित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पारंपरिक पार्टियों की तरह बदले की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। हमारा उद्देश्य पंजाब के बेटों और बेटियों को शिक्षित करना, उन्हें सक्षम पेशेवर और अधिकारी बनाना तथा प्रत्येक परिवार के लिए तरक्की के अवसर पैदा करना है। आपका प्यार और आशीर्वाद ही हमारी असली ताकत है। मैं पंजाब की भलाई और खुशहाली के लिए काम करता रहूंगा।”

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार पारदर्शी शासन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का हर फैसला लोगों की भलाई को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

By Gurpreet Singh

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