श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को जल्द खोलने की मांग को लेकर आज भारत और पाकिस्तान की सिख संगत की ओर से जीरो लाइन पर अरदास करना था। लेकिन जीरो लाइन से पहले बीएसएफ ने संगत को रोक दिया। इसको लेकर संगत में नराजगी फैल गई। जत्थेदार ने वहीं बैठकर पाठ करने लगे।
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, श्री करतारपुर साहिब से जीरो लाइन तक नगर कीर्तन लाया जा रहा है। यह नगर कीर्तन भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे जीरो लाइन पर पहुंचना था। पाकिस्तान के लहंदे पंजाब की सिख संगत श्रद्धा और उत्साह के साथ नगर कीर्तन सजाया। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज भारत की ओर से डेरा बाबा नानक स्थित जीरो लाइन पर पहुंच कर अरदास करने के लिए संगत को बुलाया था
जीरो लाइन से पहले रोकने पर वहीं पर बैठे जत्थेदार लेकिन करतारपुर कॉरिडोर पर सोमवार को उस समय विरोध स्थिति बन गई, जब दर्शन स्थल और जीरो लाइन की ओर जा रही सिख संगत को BSF ने आगे जाने से रोक दिया। जत्थेदार साहिब ने दर्शन स्थल पर अरदास करने की बात कही थी और कहा था कि केवल पांच सिंह अरदास करेंगे, लेकिन BSF ने उन्हें भी आगे जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद जत्थेदार साहिब दर्शन स्थल से पहले ही जमीन पर बैठ गए और वहीं रहिरास साहिब का पाठ करने लगे।
BSF द्वारा संगत और जत्थेदार साहिब को जीरो लाइन की ओर जाने से रोके जाने पर जत्थेदार साहिब ने रोष जताया। उन्होंने कहा कि संगत केवल अरदास करने और श्री करतारपुर साहिब के दर्शन की भावना लेकर पहुंची थी। आम सिख संगत और बच्चों को इस तरह रोकना दुखद है।

जब वीआईपी लोगों को जाने की अनुमति तो हमें क्यों नहीं
जत्थेदार साहिब ने सवाल उठाया कि यदि वीआईपी लोगों को अनुमति दी जाती है तो आम संगत को क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी सिखों के दिलों में बसते हैं और दिलों के रिश्ते दीवारों से नहीं टूट सकते। उन्होंने केंद्र सरकार से सिखों की भावनाओं को समझने और उनके साथ समान नागरिकों जैसा व्यवहार करने की अपील की।
जत्थेदार साहिब ने कहा कि इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के साथ पत्राचार किया जाएगा तथा संगत को आ रही मुश्किलों के स्थायी समाधान की मांग उठाई जाएगी।

गुरु साहिब के सामने अरदास करना था जीरो लाइन पर पहुंचने के बाद शाम को रहिरास साहिब के पाठ, गुरबाणी कीर्तन और आरती के बाद गुरु साहिब के सामने अरदास की योजना थी। इसमें दोनों देशों की सिख संगत की भावनाओं के अनुसार श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर को जल्द खोलने की प्रार्थना होगी। भारत और पाकिस्तान की सिख संगत अपने-अपने हिस्से में रहिरास साहिब के पाठ, आरती और शबद कीर्तन के बाद कॉरिडोर जल्द खोलने के लिए अरदास करना था।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने डेरा बाबा नानक और सीमावर्ती क्षेत्र की सभी सिख संगत से अपील की थी कि वे सोमवार शाम भारतीय समयानुसार 5:30 बजे श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के पास जीरो लाइन पर पहुंचकर धार्मिक समागम और अरदास में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल हों।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब के सामने अरदास की जाएगी कि कॉरिडोर जल्द खुले, ताकि संगत पहले की तरह श्री गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थान श्री दरबार साहिब, श्री करतारपुर साहिब के दर्शन कर सके।
