चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात गिरोह के कथित गुर्गे अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम को मोल्दोवा से प्रत्यर्पित करा लिया है।
पुलिस के अनुसार, सिंह जग्गू भगवानपुरिया गिरोह का एक अहम सदस्य है और वह हत्या, हत्या के प्रयास, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), आर्म्स एक्ट के उल्लंघन तथा मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई संगीन मामलों में वांछित था।
पंजाब पुलिस ने बताया कि किसी यूरोपीय देश से किसी भगोड़े का यह पहला प्रत्यर्पण है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक गठजोड़ों को ध्वस्त करने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा।
इस अभियान को ‘ऑपरेशन ईस्टर्न रीच’ नाम दिया गया था, जिसके तहत विदेश में छिपे इस आरोपी का पता लगाने के लिए छह महीने तक खुफिया जानकारी आधारित सघन अभियान चलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय तक की गई निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल के चलते इस भगोड़े की सटीक लोकेशन ट्रेस की जा सकी और उसे भारत वापस लाने का रास्ता साफ हुआ।
इस पूरे ऑपरेशन में पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड प्रत्यर्पण सेल (OFTEC) ने केंद्रीय भूमिका निभाई। प्रत्यर्पण प्रक्रिया के दौरान उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय समकक्षों से भी पूरा सहयोग मिला।
राज्य पुलिस ने इस अंतरराष्ट्रीय प्रयास में सहयोग के लिए मोल्दोवा और अज़रबैजान के अधिकारियों के साथ-साथ आईपीसीयू-सीबीआई (IPCU-CBI), गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय सहित अन्य सभी संबंधित संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।
इस प्रत्यर्पण को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार से संचालित होने वाले संगठित अपराध सिंडिकेट्स पर शिकंजा कसने के पंजाब पुलिस के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई साबित करती है कि विदेश में शरण लेकर कानूनी शिकंजे से बचने की कोशिश करने वाले अपराधियों का अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए लगातार पीछा किया जाएगा।
पंजाब पुलिस ने दोहराया कि वह विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों को भारत वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वे अपने खिलाफ दर्ज मामलों में अदालत के समक्ष कानूनी प्रक्रिया का सामना कर सकें।
