चंडीगढ़ (बलविंदर सिंह): स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग एवं बलिदान की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से अभिलेखागार विभाग, हरियाणा द्वारा सिविल सचिवालय, सेक्टर-1, चंडीगढ़ में 24 से 27 अगस्त तक ऐतिहासिक एवं दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों, अभिलेखों तथा अन्य सामग्री को प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान, त्याग एवं बलिदान की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाना तथा युवा पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से रूबरू कराना रहा। दुर्लभ अभिलेखों एवं ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से आगंतुकों को स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाओं और उस दौर की परिस्थितियों की जानकारी दी गई।
महिला स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी किया प्रदर्शित
प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। अनेक वीरांगनाओं ने अदम्य साहस, त्याग एवं बलिदान के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके योगदान से संबंधित ऐतिहासिक अभिलेख एवं दस्तावेज भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए।
हरियाणा की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की भी झलक
प्रदर्शनी में हरियाणा के इतिहास तथा प्रदेश की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विरासत से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों को भी प्रदर्शित किया गया। इस दौरान मनोज सिंधु, मिनाक्षी अभिलेखपाल, अभिलेखागार विभाग , ने आगंतुकों को प्रदर्शित अभिलेखों एवं दस्तावेजों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें इतिहास के महत्वपूर्ण पहलुओं से रूबरू करवाया। उन्होंने प्रदर्शनी में रखे ऐतिहासिक दस्तावेजों के महत्व की जानकारी देते हुए आगंतुकों को स्वतंत्रता आंदोलन तथा हरियाणा की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया।
अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य आगंतुकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा दुर्लभ ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से देश एवं प्रदेश के गौरवशाली अतीत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
अभिलेखागार विभाग द्वारा ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा इस अमूल्य धरोहर को भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
