अकाली-BJP गठबंधन की अटकलों पर AAP का बड़ा हमला, सुखबीर बादल पर 2015 के सवालों से बचने की कोशिश का आरोप

चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने शनिवार को अकाली दल (बादल) पर भाजपा के साथ संभावित गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों के बीच तीखा हमला बोला। पार्टी ने कहा कि गठबंधन को लेकर जानबूझकर माहौल बनाया जा रहा है, ताकि जनता की राय को प्रभावित किया जा सके और सबसे महत्वपूर्ण रूप से सुखबीर सिंह बादल को राजनीतिक रूप से बच निकलने का रास्ता दिया जा सके।

एक वीडियो संदेश में AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि इस समय हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया गठबंधन की बहस में सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि सुखबीर सिंह बादल पंजाब से भागने और अकाली दल की कमान हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया को सौंपने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि बादल परिवार उन सवालों से नहीं बच सकता, जो पंजाब वर्षों से पूछता आ रहा है।

बलतेज पन्नू ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल 2015 की घटनाओं से जुड़े पंजाब के दर्दनाक अध्याय से मुंह नहीं मोड़ सकते। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं को नहीं भूले हैं और न ही उन लोगों पर हुई कार्रवाई को भूले हैं, जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस फायरिंग में दो लोगों की जान चली गई थी और उन घटनाओं का दर्द आज भी पंजाबियों के दिलों में जिंदा है।”

उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से जुड़ी जांच और जवाबदेही से राजनीतिक जोड़-तोड़ या नए गठबंधन के जरिए बचा नहीं जा सकता। उन्होंने दावा किया, “सुखबीर सिंह बादल इन सवालों से बचने के लिए पंजाब छोड़ना चाहते होंगे, लेकिन पंजाब उन्हें जवाबदेही से भागने नहीं देगा।”

बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि अकाली नेतृत्व के दौरान पंजाब को हुए नुकसान से कोई अनजान नहीं है। उन्होंने कहा, “पंजाब की जनता अच्छी तरह जानती है कि राज्य को किसने कितना नुकसान पहुंचाया। अगर उन्हें लगता है कि गठबंधन को दोबारा जिंदा करके वे अपने लिए राजनीतिक सुरक्षा कवच तैयार कर सकते हैं और जवाबदेही से बच सकते हैं, तो यह महज उनका भ्रम है।”

AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी ने आगे कहा कि अकाली दल बादल यह उम्मीद नहीं कर सकता कि एक और गठबंधन की चर्चा शुरू कर देने मात्र से पंजाब की जनता उसका पिछला रिकॉर्ड भूल जाएगी। उन्होंने कहा कि लोग बेअदबी की घटनाओं, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और पिछली अकाली-भाजपा सरकारों की नाकामियों को याद रखते हैं।

AAP पंजाब के प्रवक्ता नील गर्ग ने भी अकाली दल और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों दल संभावित गठबंधन को लेकर जानबूझकर माहौल बना रहे हैं, ताकि जनता के रुख को परखा और प्रभावित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता दोनों पार्टियों की “पंजाब विरोधी मानसिकता” को अच्छी तरह समझती है और उनकी राजनीति के परिणाम भुगत चुकी है।

नील गर्ग ने कहा कि 2007 से 2017 तक की अकाली-भाजपा सरकारों ने पंजाब को नशे, माफिया नेटवर्क और व्यापक गिरावट की विरासत दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस नशे के संकट ने एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया, उसके साथ जमीन, रेत और ट्रांसपोर्ट माफिया का विस्तार भी इसी दौर से जुड़ा रहा। उन्होंने भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू के पंजाब में दोबारा नशे के लौटने को लेकर दिए गए पूर्व बयानों का भी हवाला दिया और कहा कि यह बयान खुद भाजपा की राजनीति में मौजूद विरोधाभासों को उजागर करता है।

नील गर्ग ने कहा कि पंजाब अब नाकाम गठबंधनों और सत्ता के बंटवारे की राजनीति नहीं चाहता। उन्होंने कहा, “जनता काम और विकास की राजनीति चाहती है, ऐसी राजनीति जो युवाओं के लिए रोजगार पैदा करे, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाए, खेतों तक नहरी पानी पहुंचाए, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करे।”

By Gurpreet Singh

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